Smartphone Ban: स्कूल ने स्मार्टफोन पर लगाया बैन, एक रात में बच्चे के व्हाट्सएप पर आए 9,000 मैसेज

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Thu, 05 Jun 2025 03:47 PM IST
सार

यह ग्रुप स्कूल के कक्षा छह के छात्रों का व्हाट्सएप ग्रुप था, जिसमें रात के 15 घंटों के दौरान हजारों मैसेज भेजे गए। यह देखकर स्कूल के कार्यकारी प्रधानाध्यापक साइमन बॉटन ने बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई और स्मार्टफोन प्रतिबंध को लेकर पैरेंट्स के साथ विचार-विमर्श शुरू किया।

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School banned smartphones after child received 9000 messages on WhatsApp in one night
smartphone in school - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    ब्रिस्टल स्थित ब्लैकहॉर्स प्राइमरी स्कूल ने एक हैरान करने वाले मामले के बाद स्कूल में स्मार्टफोन लाने पर पूरी तरह बैन लगा दिया है। स्कूल प्रशासन को तब झटका लगा जब एक छात्र का स्मार्टफोन शिक्षक की अलमारी में गलती से रातभर रह गया और अगली सुबह उसमें व्हाट्सएप ग्रुप के 9,000 नोटिफिकेशन दिखाई दिए।

    यह ग्रुप स्कूल के कक्षा छह के छात्रों का व्हाट्सएप ग्रुप था, जिसमें रात के 15 घंटों के दौरान हजारों मैसेज भेजे गए। यह देखकर स्कूल के कार्यकारी प्रधानाध्यापक साइमन बॉटन ने बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई और स्मार्टफोन प्रतिबंध को लेकर पैरेंट्स के साथ विचार-विमर्श शुरू किया।

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    अब तक छात्रों को स्कूल में स्मार्टफोन लाने की अनुमति थी, बशर्ते वे कक्षा के समय उन्हें जमा कर दें, लेकिन अब स्कूल ने एक साल की लंबी चर्चा के बाद सितंबर से स्मार्टफोन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है।

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    साइमन बॉटन ने अपने ब्लॉग में लिखा, “सालों से मैंने देखा कि बच्चों में ऑनलाइन बुरे प्रभाव बढ़ते जा रहे हैं। साइबर बुलिंग, अनुचित तस्वीरें, ऑनलाइन प्रीडेटर्स और बच्चों का मोबाइल में गुम हो जाना। कई 'निकट दुर्घटनाएं' हो चुकी हैं और जब बहुत सी 'निकट दुर्घटनाएं' होती हैं, तो असली टक्कर होना तय है।”

    उन्होंने बताया कि जब बच्चों को स्कूल खत्म होने पर मोबाइल वापस मिलता था, तो वे गैजेट दिखाने की होड़ में लग जाते थे। इसलिए अब सिर्फ कॉल और मैसेज वाले पुराने फीचर फोन ही स्वीकार होंगे।

    ब्लैकहॉर्स स्कूल में किए गए एक सर्वे में 87% अभिभावकों ने इस प्रतिबंध का समर्थन किया। वहीं, स्कूल की बहन संस्था, एमरसन्स ग्रीन प्राइमरी स्कूल में यह संख्या 58% रही, जहां यह प्रतिबंध अभी गवर्निंग बॉडी की मंजूरी के इंतजार में है। एक ताजा सर्वे के अनुसार 69% बच्चे रोज 2 घंटे से ज्यादा स्क्रीन टाइम लेते हैं। 24% बच्चे 4 घंटे से भी ज्यादा डिवाइस पर बिताते हैं। कुछ बच्चे 6 घंटे से भी ज्यादा समय मोबाइल या गेमिंग पर लगाते हैं।

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