DeepFake: स्कैमर्स ने रिटायर्ड IPS को बनाया शिकार, अश्लील वीडियो बनाया फिर ब्लैकमेल कर ठगे 74 हजार रुपये

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Thu, 30 Nov 2023 05:17 PM IST
सार

डीपफेक टेक्नोलॉजी के जरिए जाने-माने पूर्व आईपीएस और एडीजी प्रेम प्रकाश को शिकार बनाया गया है। स्कैमर्स ने प्रेम प्रकाश को फेसबुक पर वीडियो कॉल किया था और उसके बाद उनका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में वीडियो को किसी अश्लील वीडियो के साथ एडिट करके उन्हें ब्लैकमेल करने लगे।

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Scammers targeted Ex IPS Officer prem prakash with Deepfake Video To Extort Rs 74000
Deepfake alert - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    डीपफेक वीडियो ने सरकार से लेकर पुलिस और साइबर एजेंसियों तक की नाक में दम कर रखा है। कुछ दिन पहले ही साउथ अभिनेत्री रश्मिका मंदाना का एक डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डीपफेक को लेकर चिंता जाहिर की थी। उसके बाद आईटी मिनिस्टर ने भी कहा था कि डीपफेक को रोकने के लिए जल्द ही कोई कानून बनेगा। सोशल मीडिया कंपनियों से इस पर बैठक हो रही है।

    इसी डीपफेक टेक्नोलॉजी के जरिए जाने-माने पूर्व आईपीएस और एडीजी प्रेम प्रकाश को शिकार बनाया गया है। स्कैमर्स ने प्रेम प्रकाश को फेसबुक पर वीडियो कॉल किया था और उसके बाद उनका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में वीडियो को किसी अश्लील वीडियो के साथ एडिट करके उन्हें ब्लैकमेल करने लगे।

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    रिपोर्ट के मुताबिक प्रेम प्रकाश ने बदनामी से बचने के लिए स्कैमर्स को करीब 74 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। स्कैमर की टीम से एक सदस्य ने पुलिस के पोशाक में भी वीडियो कॉल पर प्रेम प्रकाश और उनकी बेटी से बात करके धमकी दी है। इस संबंध में प्रेम प्रकाश की बेटी ने पुलिस शिकायत की है। शिकायत के आधार पर गाजियाबाद पुलिस ने आईपीसी और आईटी एक्ट के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।क्या है डीपफेक?डीपफेक वीडियो और वीडियो दोनों रूप में हो सकता है। इसे एक स्पेशल मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करके बनाया जाता है जिसे डीप लर्निंग कहा जाता है। डीप लर्निंग में कंप्यूटर को दो वीडियोज या फोटो दिए जाते हैं जिन्हें देखकर वह खुद ही दोनों वीडियो या फोटो को एक ही जैसा बनाता है। यह ठीक उसी तरह है जैसे बच्चा किसी चीज की नकल करता है।

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    इस तरह के फोटो वीडियोज में हिडेन लेयर्स होते हैं जिन्हें सिर्फ एडिटिंग सॉफ्टवेयर से ही देखा जाता है। एक लाइन में कहें तो डीपफेक, रियल इमेज-वीडियोज को बेहतर रियल फेक फोटो-वीडियोज में बदलने की एक प्रक्रिया है। डीपफेक फोटो-वीडियोज फेक होते हुए भी रियल नजर आते हैं।

    डीपफेक वीडियो से कैसे बचें?

    डीपफेक वीडियो से सीधे तौर पर बचने का कोई रास्ता नहीं है। बेहतर यही होगा कि आप किसी भी अनजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल को रिसीव ना करें। इसके अलावा यदि कोई आपको ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है तो तुरंत उसकी शिकायत करें और किसी भी कीमत पर पैसे ट्रांसफर ना करें।

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