AGR Dues: एजीआर बकाए से संबंधित टेलीकॉम फर्म की दलीलों को शीर्ष अदालत ने किया नोट, जानें क्या है मामला

अमित कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीअमित कुमार
Mon, 15 Jul 2024 04:37 PM IST
सार

सर्वोच्च अदालत ने टेलीकॉम फर्म द्वारा दायर याचिक पर टेलीकॉम कंपनियों की दलीलों को नोट कर लिया है। याचिका में एजीआर में हुई गलती को देखने के लिए कहा गया है। इस मामले पर प्रधान जज समेत पूरी बेंच ने ईमेल में जानकारी मांगी।

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SC takes note of telecom firm's submissions on listing plea on AGR computation
AGR Dues - फोटो : Freepik

    विस्तार

    देश की शीर्ष अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को टेलीकॉम फर्म द्वारा दायर पीएलईए में नोट ले लिया है कि एजीआर यानी एडजेस्टिड ग्रोस रिवेन्यू में गलती को देखने के लिए। इस बेंच में प्रधान न्यायाधीश डी वाए चंद्रचूड़ जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा शामिल हैं। इसमें वोडाफोन आइडिया की तरफ से वरिष्ठ वकील हरीष साल्वे ने पीटिशन दायर की है।

    टेलीकॉम फर्म ने कहा है कि एजीआर से जुड़े मसले में भूल सुधारने के लिए क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल की गई है। ये मसला बेंच के बनने के पहले ही लिस्ट होना बाकी था। वहीं, इस मामले में सीजीआई ने कहा है कि मैं इस मामले को देखता हूं, साथ ही इस मसले के संबंध में ईमेल भेजने को कहा। उधर, पिछले साल 9 अक्टूबर को शीर्ष अदालय ने कुछ टेलीकॉम कंपनियों द्वारा दायर पीएलईए में एजीआर बकाया से जुड़ा सबमिशन नोट देखा था। वहीं, टेलीकॉम विभाग द्वारा कैलकुलेट में एजीआर बकाया कुछ गलती रह गई थी।

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    वही, शीर्ष अदालत ने जुलाई 2021 में एजीआर बकाए से जुड़ी पीएलईए में गलतियां देखने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कई टेलीकॉम कंपनियों ने शीर्ष अदालत की ओर रुख करते हुए दावा किया था कि एजीआर बकाए में कई तरह की गलतियां हैं। यह आंकड़ा लगभग एक लाख करोड़ तक का है।

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