Telegram पर रूस का बड़ा एक्शन: फाउंडर पावेल दुरोव पर आतंकवाद में मदद का आरोप, इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाला

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Wed, 29 Jul 2026 03:26 PM IST
सार

रूस ने टेलीग्राम (Telegram) के फाउंडर पावेल दुरोव (Pavel Durov) पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय वॉन्टेड सूची में शामिल कर दिया है। इसके साथ ही देश में टेलीग्राम पर नई पाबंदियां भी लागू की गई हैं।

विज्ञापन
russia charges telegram founder pavel durov of terrorism international wanted list restrictions details
पावेल दुरोव, टेलीग्राम फाउंडर - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    रूस और टेलीग्राम (Telegram) के बीच लंबे समय से चल रहा टकराव अब नए स्तर पर पहुंच गया है। रूस की प्रमुख सुरक्षा एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) ने टेलीग्राम के संस्थापक पावेल दुरोव पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद करने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। एजेंसी ने उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय वॉन्टेड सूची में भी शामिल कर दिया है। यदि रूस की अदालत उन्हें दोषी ठहराती है, तो उन्हें आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।

    फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण स्तर के रूसी हमले के बाद से ही, मॉस्को इंटरनेट और सोशल मीडिया पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में अब टेलीग्राम पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।

    विज्ञापन

    दुरोव पर रूसी एजेंसी ने क्या लगाए आरोप?

    • रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) का दावा है कि टेलीग्राम उन सैकड़ों चैनल्स, चैट्स और बॉट्स को हटाने में नाकाम रहा है, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी खुफिया एजेंसियां और चरमपंथी संगठन कर रहे हैं। एफएसबी के मुताबिक, इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए रूस के भीतर साइबर धोखाधड़ी, बड़े पैमाने पर हत्याओं और आतंकी गतिविधियों की साजिश रची जा रही है, जिसके चलते कई लोगों की जान जा चुकी है।
    • एजेंसी ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि टेलीग्राम पर मौजूद एक 'डेटिंग चैटबॉट' का इस्तेमाल यूक्रेनी सुरक्षा एजेंसियां रूसी नागरिकों को लालच देकर आतंकी गतिविधियों में फंसाने के लिए कर रही हैं।
    • जुलाई 2025 से लेकर अब तक, इस चैटबॉट का इस्तेमाल करने वाले 12 से 22 साल की उम्र के 46 युवाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन पर आगजनी और कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर हमला करने के आरोप हैं।
    डुरोव ने आरोपों को बताया गलत
    डुरोव ने आरोपों को बताया गलत - फोटो : एएनआई

    डुरोव ने पलटवार करते हुए किया बचाव

    रूस में जन्मे और वहीं से अपने करियर की शुरुआत करने वाले पावेल दुरोव को इस बात का अंदेशा पहले से था। इस साल की शुरुआत में ही उन्होंने अंदेशा जताया था कि रूसी अधिकारी उनके खिलाफ एक फर्जी आपराधिक जांच शुरू कर चुके हैं। डुरोव का आरोप है कि रूसी सरकार टेलीग्राम तक पहुंच सीमित कर लोगों की निजता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाना चाहती है। बता दें कि अगर दुरोव रूस में दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    रूसी सरकार बढ़ा रही है डिजिटल नियंत्रण

    • दुबई में रहने वाले और फ्रांस व संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की दोहरी नागरिकता रखने वाले डुरोव के लिए रूस से तनातनी नई नहीं है। फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस ने इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नियंत्रण काफी बढ़ा दिया है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स पहले ही प्रतिबंधित किए जा चुके हैं। YouTube की स्पीड सीमित कर दी गई है, जबकि सिग्नल और वाइबर जैसे मैसेजिंग एप्स भी ब्लॉक किए जा चुके हैं। टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर भी समय-समय पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।
    • गौरतलब है कि दुरोव ने ही फेसबुक की तर्ज पर VK नाम का प्लेटफॉर्म बनाया था, जिसे बाद में क्रेमलिन (रूसी सरकार) के करीबियों ने अपने कब्जे में ले लिया था। 2018 से 2020 के बीच भी रूस ने टेलीग्राम को ब्लॉक करने की कोशिश की थी, लेकिन असफल रहा।
    • आजकल रूस MAX (मैक्स) नाम के एक स्वदेशी मैसेजिंग एप को जमकर प्रमोट कर रहा है। सरकार इसे मैसेजिंग, पेमेंट और सरकारी सुविधाओं के लिए 'वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म' बता रही है। लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह जनता की जासूसी का एक सरकारी टूल है, जिसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2E) नहीं है और एप खुद कहता है कि वह मांगे जाने पर यूजर का डेटा सरकार को सौंप देगा।

    फ्रांस में भी हुई थी दुरोव पर कार्रवाई

    • डुरोव की कानूनी मुश्किलें सिर्फ रूस तक सीमित नहीं हैं। साल 2024 में उन्हें पेरिस में गिरफ्तार किया गया था। वहां उन पर आरोप था कि टेलीग्राम का इस्तेमाल ड्रग्स तस्करी और बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री (CSAM) फैलाने के लिए हो रहा है। इसके बाद मार्च 2025 में डुरोव वापस दुबई लौट आए थे।
    • दिलचस्प बात यह है कि जब फ्रांस ने डुरोव को गिरफ्तार किया था, तब सितंबर 2024 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फ्रांस की कड़ी आलोचना की थी। उस समय रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस कार्रवाई को चुनिंदा और पक्षपातपूर्ण बताया था।
    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें