हैकर्स के कब्जे में लाखों स्मार्टफोन, Qualcomm के इन 46 चिपसेट में आई बड़ी खामी

अमेरिकी चिपसेट निर्माता कंपनी क्वॉलकॉम के चिपसेट काफी लोकप्रिय हैं। 5 हजार रुपये से लेकर 80 हजा रुपये तक के स्मार्टफोन में आपको क्वॉलकॉम का के प्रोसेसर मिल जाएंगे। केवल स्मार्टफोन ही नहीं, बल्कि लैपटॉप और स्मार्टवॉच में भी क्वॉलकॉम के चिपसेट का इस्तेमाल होता है, लेकिन यदि आप भी क्वॉलकॉम का चिपसेट वाले स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है और साथ ही आपको बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि रिपोर्ट्स के मुताबिक क्वॉलकॉम के कई सारे चिपसेट में एक तकनीकी खामी आई है जिसके जरिए हैकर्स लोगों के फोन और डिवाइस में पहुंच रहे हैं।
क्वॉलकॉम के इन चिपसेट में आई है तकनीकी दिक्कत

मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि क्वॉलकॉम के कई सारे चिपसेट में CVE-2018-11976 नाम का एक सिक्योरिटी बग आया है। इस बग के कारण यूजर्स के निजी डाटा तक हैकर्स की पहुंच हो रही है और यूजर्स की निजी जानकारी चोरी हो रही है। इस बग के कारण हैकर्स क्वॉलकॉम सिक्योरिटी एग्जीक्यूटिव एनवायरनमेंट (QSEE) में मौजूद एन्क्रिप्टेड-की तक भी हैकर्स की पहुंच हो गई है, हालांकि क्वॉलकॉम ने इस बग को दूर कर दिया है। क्वॉलकॉम के चिपसेट में इस बग की जानकारी पिछले साल मार्च में एनसीसी ग्रुप के शोधकर्ता केगन रेयान ने दी थी। उन्होंने दावा भी किया था कि हैकर्स नेक्सस 5X स्मार्टफोन के डाटा को हैक करने में कामयाब हुए।
सिक्योरिटी बग के कारण क्वॉलकॉम के जिन चिपसेट में दिक्कतें आई हैं उनमेंस्नैपड्रैगन 200 सीरीज, 400 सीरीज, स्नैपड्रैगन 625, स्नैपड्रैगन 660, स्नैपड्रैगन 670, स्नैपड्रैगन 710, स्नैपड्रैगन 820, स्नैपड्रैगन 835 और फ्लैगशिप स्नैपड्रैगन 845भी शामिल हैं। इस बात कंपनी ने भी स्वीकार किया है।
क्वॉलकॉम ने क्या कहा?

कंपनी ने इन चिपसेट में बग की रिपोर्ट को सही माना है और कहा है कि अब बग को फिक्स कर लिया गया है। क्वॉलकॉम के सिक्योरिटी एग्जीक्यूटिव एनवायरनमेंट (QSEE) का कहना है कि इस बग का फायदा उठाकर किसी यूजर के निजी डाटा तक हैकर्स का पहुंचना इतना आसान नहीं है। कंपनी ने यूजर्स के निजी डाटा को इनक्रिप्ट कर दिया है। हालांकि कंपनी ने यह भी माना है कि जिस ऐप में QSEE में डाटा सेव रहता है कि हैकर्स उसे एक्सेस कर सकता है।
अब आगे क्या होगा और अभी कितना खतरा है?

वैसे तो क्वॉलकॉम ने बग को फिक्स कर दिया है लेकिन इस बग का पता लगाने वाले शोधकर्ता रेयान के मुताबिक यूजर्स की सुरक्षा अभी भी खतरे में है। यदि यूजर्स की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी 2019 का सिक्योरिटी अपडेट जारी करती है तो बेहतर है नहीं, तो निजी डाटा के चोरी होने का खतरा बना रहेगा।