ProxyEarth: फोन नंबर डालते ही लाइव लोकेशन बता रही वेबसाइट, निजी जानकारी लीक होने का खतरा बढ़ा, रहें सावधान
ProxyEarth Live Location Data Leak:
भारत में कुछ दिनों पहले एक ऐसी वेबसाइट लाइव हो गई जो सिर्फ एक फोन नंबर डालते ही यूजर का नाम, पता और लाइव लोकेशन दिखा रही थी। इस घटना ने देश में टेलीकॉम उपभोक्ताओं के डेटा की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

विस्तार
एक ओर सरकार मोबाइल नंबर से होने वाले धोखाधड़ी को रोकने के लिए संचार साथी जैसे एप लॉन्च कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ एक ऐसा वेबसाइट सामने आता है जो केवल फोन नंबर डालते ही किसी भी भारतीय नागरिक की लाइव लोकेशन बता देता है। हाल ही में इंटरेनट पर अचानक एक ऐसी वेबसाइट की चर्चा होने लगी जो लोगों के आधार नंबर, परिवार की जानकारी और एड्रेस समेत कई जानकारियों को दिखा रही थी। लोग बस एक फोन नंबर डाल रहे थे और ये वेबसाइट यूजर की लाइव लोकेशन के साथ-साथ उसकी कई निजी जानकारियों को साफ-साफ दिखा रही थी। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
कुछ दिनों पहले भारत में ProxyEarth नाम की एक वेबसाइट लाइव हुई। यह वेबसाइट लोगों की निजी जानकारियों को सार्वजनिक कर रही थी। कोई भी व्यक्ति किसी भी मोबाइल नंबर को साइट पर डालकर उस यूजर का नाम, पिता का नाम, घर का पता, ईमेल आईडी, दूसरे नंबर और यहां तक कि लाइव लोकेशन तक देख पा रहा था। इस तरह का डेटा खुलकर उपलब्ध होना डेटा सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।
वेबसाइट ने दिखाया लोगों का लाइव लोकेशन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ProxyEarth वह जानकारी दिखा रहा है जो SIM खरीदते समय Airtel, Jio और Vodafone जैसी टेलीकॉम कंपनियों जैसे के पास जमा होती है। कुछ मामलों में वेबसाइट मोबाइल टावर की मदद से डिवाइस का लाइव लोकेशन भी दिखा रही थी। इसका साफ-साफ मतलब है कि यदि आपका मोबाइल नंबर किसी शख्स के पास है तो वह इस वेबसाइट के जरिए सीधे आपके घर तक पहुंच सकता है। इतने निजी डेटा का ओपन होना किसी के लिए भी चौंकाने वाला है। हालांकि, हमने जब वेबसाइट पर कुछ नंबरों को डालकर चेक करने कि कोशिश की तो उनकी लोकेशन सही नहीं दिखाई दी।
साइट बनाने वाला शख्स आया सामने
ProxyEarth नाम के इस साइट को बनाने वाला शख्स मीडिया के सामने आ चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शख्स का नाम राकेश बताया जा रहा है, जो दावा करता है कि वह वेबसाइट के जरिए कोई गैरकानूनी काम नहीं कर रहा है। उसके मुताबिक, वह सिर्फ वही डेटा दिखाता है जो पहले से इंटरनेट पर उपलब्ध है। राकेश ने एक न्यूज वेबसाइट को बताया कि उसका मकसद ट्रैफिक लाना और अपने अन्य डिजिटल प्रोडक्ट्स का प्रमोशन करना है। खबर है कि वह कई और वेबसाइट भी चलाता है, जिनमें से कुछ पर पाइरेटेड कंटेंट मिलता है।
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बढ़ सकती है डेटी की चोरी और धोखाधड़ी
इंटरनेट पर लोगों का डेटा इस तरह खुलेआम उपलब्ध होना एक गंभीर चिंता पैदा करता है। इतनी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक होना बेहद खतरनाक है। नाम, पता, पारिवारिक जानकारी और मोबाइल नंबर जैसे डेटा से आइडेंटिटी थेफ्ट, फाइनेंशियल फ्रॉड, फिशिंग अटैक और अन्य साइबर क्राइम आसानी से हो सकते हैं। यह घटना दिखाती है कि भारत में टेलीकॉम डेटा की सुरक्षा कितनी कमजोर है। खबर लिखे जाने तक साइट लाइव है और कोई आधिकारिक कार्रवाई की खबर नहीं है।
ProxyEarth लगभग एक हफ्ते से एक्टिव है और अभी भी खुलकर एक्सेस की जा सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइट बनाने वाला सोशल मीडिया से लेकर कई वेब प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है। इसके बावजूद, अभी तक न तो साइट हटाई गई है और न ही किसी सरकारी एजेंसी ने इस पर सार्वजनिक टिप्पणी की है।
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