सावधान: AI वॉयस फ्रॉड को लेकर सैम ऑल्टमैन भी हैं चिंतित, एक गलती और बैंक अकाउंट खाली
अब ऑल्टमैन के अनुसार, AI द्वारा बनाई गई आवाज की नकल और आगे चलकर वीडियो क्लोनिंग इतनी वास्तविक हो चुकी है कि उन्हें असली से अलग करना मुश्किल हो गया है।

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ओपनएआई (OpenAI) के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र को चेताया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की मदद से इंसानों की आवाज की नकल कर के सुरक्षा जांच को पार करना और पैसे ट्रांसफर करना बेहद आसान हो गया है, जिससे एक "गंभीर धोखाधड़ी संकट" सामने आ सकता है।
ऑल्टमैन ने यह बात मंगलवार को वॉशिंगटन में आयोजित एक फेडरल रिजर्व सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा, "एक बात जो मुझे डरा देती है, वो ये है कि कुछ वित्तीय संस्थान अब भी वॉइसप्रिंट को प्रमाणीकरण के रूप में स्वीकार कर रहे हैं। यह एक पागलपन भरी बात है, क्योंकि AI ने इसे पूरी तरह से मात दे दी है।"
वॉइसप्रिंटिंग को एक दशक पहले धनाढ्य ग्राहकों की पहचान के एक सुरक्षित माध्यम के रूप में अपनाया गया था, जिसमें ग्राहक को एक तय वाक्य फोन पर बोलकर अपनी पहचान प्रमाणित करनी होती थी, लेकिन अब ऑल्टमैन के अनुसार, AI द्वारा बनाई गई आवाज की नकल और आगे चलकर वीडियो क्लोनिंग इतनी वास्तविक हो चुकी है कि उन्हें असली से अलग करना मुश्किल हो गया है।
उन्होंने कहा, "अब हमें पहचान की पुष्टि के लिए नए तरीकों की जरूरत होगी।" इस पर प्रतिक्रिया देते हुए फेडरल रिजर्व की उपाध्यक्ष और प्रमुख वित्तीय पर्यवेक्षक मिशेल बाउमन ने कहा, "यह ऐसा विषय है जिस पर हम साझेदारी में विचार कर सकते हैं।" यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब दुनियाभर के बैंक डिजिटल सुरक्षा को लेकर पहले से ही सतर्क हैं, लेकिन AI तकनीक की तेजी से बढ़ती क्षमता ने नई चिंता खड़ी कर दी है।
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