ऑनलाइन खरीदा लैपटॉप, डिलीवर हुआ घड़ी साबुन, पढ़ें फ्लिपकार्ट का जवाब

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Tue, 27 Sep 2022 01:01 PM IST
सार

यशस्वी ने फ्लिपकार्ट की बिग बिलियन डेज सेल 2022 के दौरान अपने पिता के लिए एक लैपटॉप ऑर्डर किया था। लेकिन जब उन्हें ऑर्डर डिलीवर हुआ तो उसमें लैपटॉप की जगह घड़ी साबुन की टिकिया निकली।

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Online Shhoping fraud - फोटो : सोशल मीडिया

    विस्तार

    ई-कॉमर्स वेबसाइट्स ग्राहकों की पसंद को सुरक्षित रखने और बेस्ट सर्विस देने का दावा करती हैं। हालांकि इनके दावे में कितनी सच्चाई है इस बात का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि ग्राहकों को अपने ऑर्डर के बॉक्स में लैपटॉप की जगह घड़ी साबुन की टिकिया मिल रही हैं। जी हां यह घटना अहमदाबाद आईआईएम के स्टूडेंट यशस्वी शर्मा के साथ घटी है। जब यशस्वी ने इसकी शिकायत फ्लिपकार्ट कस्टमर केयर से की तो उन्होंने 'नो रिर्टन पॉलिसी' का हवाला देते हुए अपनी गलती मानने से इनकार कर दिया।

    यशस्वी ने इसकी शिकायत लिंक्डइन के माध्यम से की है। यशस्वी ने एक लंबी पोस्ट लिखी और कहा कि फ्लिपकार्ट की बिग बिलियन डेज सेल 2022 के दौरान उन्होंने अपने पिता के लिए एक लैपटॉप ऑर्डर किया था। लेकिन जब उन्हें ऑर्डर डिलीवर हुआ तो उसमें लैपटॉप की जगह घड़ी साबुन की टिकिया निकली। इसकी शिकायत जब उन्होंने फ्लिपकार्ट कस्टमर केयर से की तो उन्होंने अपनी गलती मानने से इनकार कर दिया। हालांकि यशस्वी ने उन्हें डिलीवरी का सीसीटीवी फुटेज होने की बात भी कही लेकिन कंपनी ने 'नो रिर्टन पॉलिसी' का हवाला देते हुए यशस्वी की बात नकार दी।

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    यशस्वी ने अपनी पोस्ट में बताया कि उनके पास सीसीटीवी सबूत भी है और अनबॉक्स का वीडियो भी है, लेकिन जब फ्लिपकार्ट के सीनियर कस्टमर केयर एग्जिक्यूटिव ने भी यशस्वी को मदद देने से मना कर दिया तो उन्होंने इस मामले को सोशल मीडिया पर उठाया। उन्होंने अपनी पोस्ट में फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति और केंद्रीय रेलवे व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को भी टैग किया है। इसके बाद से ही यशस्वी की पोस्ट को सैकड़ों लाइक्स और कमेंट्स मिल चुके हैं।

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    यशस्वी ने लिंक्डइन पोस्ट के माध्यम से बताया कि हालांकि डिलीवरी लेते समय उनके पिता से भी गलती हुई थी, क्योंकि वे ओपन बॉक्स डिलीवरी के बारे में जानते नहीं थे। दरअसल, ओपन बॉक्स डिलीवरी में ग्राहक डिलीवरी लेने से पहले एजेंट से बॉक्स खुलवा सकते हैं और सही सामान होने पर ही ओटीपी देकर डिलीवरी कंफर्म कर सकते हैं। लेकिन उनके पिता ने बॉक्स खोलकर नहीं देखा और ओटीपी देकर डिलीवरी कंफर्म कर दी।

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Flipkart ने इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए ग्राहकों के लिए ओपन बॉक्स डिलीवरी की सुविधा दी है। इसके तहत ग्राहकों को डिलीवरी मैन के सामने ही बॉक्स को ओपन करना होता है और उसके बाद ओटीपी बताना होता है। ऐसे में यदि किसी प्रोडक्ट के साथ कोई दिक्कत होती है तो 3-4 दिन में समस्या का समाधान किया जाता है।

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