अलर्ट: फ्लैट दिलाने के नाम पर 1.50 लाख रु. की ठगी, ऐसे करें फर्जी QR कोड की पहचान
देहरादून के एक शख्स को ठगों ने फ्लैट दिलाने के नाम पर 1.5 लाख रुपये की ठगी की है। पीड़ित का नाम गौरव जोशी है जिन्होंने हाल ही में नौकरी की तलाश में नोएडा शिफ्ट किया है। गौरव को विकास गुप्ता नाम के ब्रोकर ने ठगा है।

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देश में हर दिन नए-नए तरह के फ्रॉड सामने आ रहे हैं। अब फ्रॉड का एक नया तरीका सामने आया है। साइबर ठग अब उनलोगों को भी अपना शिकार बनाने लगे हैं जो किराए पर घर खोज रहे हैं। ताजा मामला नोएडा से सामने आया है। देहरादून के एक शख्स को ठगों ने फ्लैट दिलाने के नाम पर 1.5 लाख रुपये की ठगी की है। पीड़ित का नाम गौरव जोशी है जिन्होंने हाल ही में नौकरी की तलाश में नोएडा शिफ्ट किया है। गौरव को विकास गुप्ता नाम के ब्रोकर ने ठगा है।
गौरव जोशी और विकास की मुलाकात ऑनलाइन हुई थी जिसके बाद विकास ने गौरव से कहा था कि एक फ्लैट किराए पर मिल जाएगा। फ्लैट का रेंट 16,500 रुपये प्रति महीना होगा। गौरव ने विकास की बातों पर भरोसा किया और फिर रेंट एग्रिमेंट की बात हुई।
खुद पर यकीन दिलाने के लिए ब्रोकर ने गौरव के खाते में 5 रुपये भेजे और साथ में एक रिफंड कूपन भी भेजा। गौरव ने जैसे ही कूपन को स्कैन किया तो उनके खाते से 1.15 लाख रुपये निकल गए। इसके बाद गौरव के खाते से एक और ट्रांजेक्शन हुआ जिसके बाद गौरव को कुल 1.50 लाख रुपये का नुकसान हो गया। गौरव ने नोएडा सेक्टर 133 पुलिस थाने में इसकी शिकायत की है और मामले की जांच हो रही है।
आजकल फर्जी क्यूआर कोड के जरिए लोगों को ठगा जा रहा है। 1 रुपये पेमेंट करने से पहले भी क्यूआर कोड की जांच करें, उसके बाद ही पेमेंट करें। क्यूआर कोड को ध्यान से देखें। आमतौर पर फोनपे, गूगलपे, पेटीएम के क्यूआर कोड आपको देखने को मिल जाते हैं।
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