डाटा प्रोटेक्शन बिल 2023: भारतीय यूजर्स के डाटा की कैसे होगी सुरक्षा, दस प्वाइंट में जानें

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Mon, 07 Aug 2023 04:26 PM IST
सार

नए डाटा प्रोटेक्शन बिल के मानदंड के तहत, केंद्र सरकार को भारत के बाहर किसी भी देश या क्षेत्र में व्यक्तिगत डाटा के ट्रांसफर को रोकने और प्रतिबंधित करने की शक्ति होगी।

Data Protection Bill clears in Lok Sabha know its provisions in ten points
Data Protection Bill 2023 - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    लोकसभा में 'डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल 2023' पास हो गया है। विपक्षी सांसदों के मणिपुर मुद्दे पर हंगामे के बीच यह विधेयक को मंजूरी मिली। बता दें कि इससे पहले तीन अगस्त को केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा लोकसभा में डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल 2023 को पेश किया गया था। हालांकि, विपक्षी सांसदों ने इस बिल पर आपत्ति जताई थी और इसे संसदीय समिति के पास भेजने की मांग की थी। विपक्षी सांसदों ने कहा था कि इस बिल के जरिए सरकार सूचना के अधिकार कानून को रौंदना चाहती है।

    हालांकि, तमाम विरोध और आपत्ति के बाद बिल को लोकसभा से मंजूरी मिल गई है।ऐसे में अब सवाल यह है कि इस बिल से भारतीय यूजर्स के डाटा की सुरक्षा कैसे होगी? कैसे इसकी मदद से सोशल मीडिया कंपनियों की मनमानी को रोका जाएगा?चलिए दस प्वाइंट में जानते हैं।

    डाटा प्रोटेक्शन बिल 2023 के प्रावधान

    1. यूजर डाटा का इस्तेमाल करने वाली सोशल मीडिया फर्म्स को व्यक्तिगत डाटा की सुरक्षा करनी होगी, भले ही वह थर्ड पार्टी डाटा प्रोसेसर का इस्तेमाल कर डाटा एक्सेस कर रहा हो।
    1. डाटा उल्लंघन या डाटा चोरी के मामले में कंपनियों को डाटा प्रोटेक्शन बोर्ड (डीपीबी) और यूजर्स को सूचित करना होगा।
    2. बच्चों के डाटा और अभिभावकों के साथ शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के डाटा को अभिभावकों इजाजत के बाद ही एक्सेस किया जाएगा।
    3. फर्म्स को एक डाटा सुरक्षा अधिकारी नियुक्त करना होगा और यूजर्स को इसकी जानकारी देनी होगी।
    4. केंद्र सरकार को भारत के बाहर किसी भी देश या क्षेत्र में व्यक्तिगत डाटा के ट्रांसफर को रोकने और प्रतिबंधित करने की शक्ति होगी।
    5. डीपीबी के फैसलों के खिलाफ अपील की सुनवाई दूरसंचार विवाद निपटान और अपीलीय न्यायाधिकरण द्वारा की जाएगी।
    6. डीपीबी फर्म्स को समन कर सकता है, उनकी जांच कर सकता है और कंपनियों की किताबों और दस्तावेजों का निरीक्षण कर सकता है।
    7. डीपीबी उल्लंघन की प्रकृति और गंभीरता, प्रभावित व्यक्तिगत डाटा के प्रकार पर विचार करने के बाद फर्म्स पर जुर्माना लगा सकता है।
    8. यदि विधेयक प्रावधानों का दो बार से अधिक उल्लंघन किया जाता है तो डीपीबी सरकार को किसी मध्यस्थ तक पहुंच को ब्लॉक करने की सलाह दे सकता है।
    9. फर्म्स पर डाटा उल्लंघन, व्यक्तिगत डाटा की सुरक्षा करने में विफलता या डीपीबी और यूजर्स को उल्लंघन के बारे में सूचित नहीं करने पर 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
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