आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ‘पाठ’ पढ़ाएगा गूगल, नीति आयोग ने मिलाया हाथ

जल्द ही गूगल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में काम कर रहे इंडियन स्टार्टअप्स के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करेगा। देश में आर्टिफिशियल इंटेलीजें स और मशीन लर्निंग का इकोसिस्टम तेजी से डेवलेप करने के लिए नीति आयोग और गूगल साथ मिल कर काम करेंगे।
नीति आयोग और गूगल के बीच आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग को लेकर एक समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत नीति आयोग ने फ्यूचर टेक्नोलॉजी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में रिसर्च और डेवलपमेंट को लेकर पूरे देश में एक राष्ट्रीय रणनिति का प्रारुप तैयार किया है।
सोमवार को नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत की मौजूदगी में आयोग के सलाहकार अन्ना रॉय और गूगल के इंडिया और साउथ ईस्ट एशिया के उपाध्यक्ष राजन आनन्दन के बीच इस बारे में समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
फ्यूचर टेक्नोलॉजी करेगी मदद

इस समझौते की अहमियत बताते हुए सीईओ अमिताभ कांत ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से देश में बिजनेस का माहौल बदल रहा है। इस टेक्नोलॉजी से सोशल सेक्टर में नया करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी फ्यूचर टेक्नोलॉजीज से हेल्थकेयर सेक्टर, एजुकेशन और गवर्नेंस में नया सिस्टम विकसित होगा, जिससे नागरिकों को फायदा होगा और देश के आर्थिक विकास में योगदान बढ़ेगा।
गूगल करेगा मदद
नीति आयोग और गूगल के बीच हुई इस साझेदारी के तहत व्यापक स्तर पर ट्रेनिंग आयोजित की जाएंगी। साथ ही स्टार्टअप्स को मदद और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में रिसर्च और स्कॉलरशिप को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस कार्यक्रम के तहत गूगल देश के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में काम कर रहे स्टार्टअप्स को ट्रेनिंग देन के साथ प्रोत्साहन कार्यक्रम भी चलाएगा। गूगल इन स्टार्टअप्स को परामर्श देने के साथ प्रशिक्षित भी करेगा।
आईए और एमएल में ऑनलाइन ट्रेनिंग
इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में रिसर्च इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रिसर्चर्स, स्कॉलर्स और यूनिवर्सिटीज को वित्तीय मदद भी दी जाएगी। साथ ही, गूगल देश के कई शहरों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में स्टूडेंट्स, ग्रेजुएट्स और इंजीनियर्स के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम भी लाएगा।
हैकाथॉन का आयोजन
साथ ही, गूगल और नीति आयोग साथ मिल कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग पर हैकाथॉन का भी आयोजन करेगा। यह हैकाथॉन एग्रीकल्चर, हैल्थकेयर, फाइनेंस, ट्रांसपोर्टेशन और मोबिलिटी सेक्टर पर आयोजित किए जाएंगे, जो इन क्षेत्रों की प्रमुख चुनौतियों को हल करने में मदद करेंगे।
इसके अलावा हैकाथॉन में इन चुनौतियों से निबटने के लिए अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए ग्लोबल प्लेटफॉर्म कैगल की भी मदद लेगा। समझौते के तहत नीति आयोग की मदद से गूगल सरकार में शामिल तकनीकी विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के लिए भी ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करेगा।