आधार कार्ड के जनक ने स्मार्टफोन को बताया सबसे बड़ा खतरा

इनफोसिस के को-फाउंडर और यूनिक आईडेंटिफिकेशन आथॉर्टी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन नंदन नीलकेणि ने एक बिजनेस अखबार को दिए गए इंटरव्यू में स्मार्टफोन से लोगों को सबसे ज्यादा खतरा बताया है।
नंदन नीलकेणि ने ये बात प्राइवेसी कानून के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में कही। प्राइवेसी कानून के सवाल के जवाब में नंदन नीकेणि ने कहा, ' लोगों की प्राइवेसी लीक का सबसे ज्यादा खतरा उनके स्मार्टफोन से होता है। देश में करोड़ों लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते है। इन स्मार्टफोन का इस्तेमाल लोग मैसेज करने और कॉलिंग में करते हैं, लेकिन कम ही लोगों को पता है कि उनके कॉल या मैजेस ट्रेस किए जा सकते हैं।'
उन्होंने यह भी कहा कि स्मार्टफोन इ्स्तेमाल करने वालो की लोकेशन जीपीएस से आराम से ट्रेस की जा सकती है। अगर आप ने अपनी लोकेशन ऑफ भी कर रखी है, तो भी आपने द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे नेटवर्क की मदद से आपकी लोकेशन ट्रैक की जा सकती है। यहां तक की स्मार्टफोन में मौजूद एक्सेलेरोमीटर और ग्यारोमीटर की मदद से यूजर ने शराब पी रखी या नहीं ये भी पता लगाया जा सकता है। स्मार्टफोन के इस बढ़ते इस्तेमाल में कौन कब आपका डाटा चोरी कर ले ये आप नहीं जानते।
सीसीटीवी भी है खतरा

वहीं नंदन नीलकेणि ने सीसीटीवी को दुसरा और इंटरनेट को तीसरा सबसे बड़ा खतरा बताया है। गौरतलब है कि नंदन नीलकेणि ने आधार कार्ड निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्हें आधार कार्ड का जनक भी माना जाता है। पिछले कुछ महीनों में आधार को लेकर कई नकारात्मक खबरें सामने आई हैं।
सरकार ने आधार की शूरुआत यूनिक आईडेंटीटी नंबर प्रोग्राम के तौर पर की। तेजी से लीक हो रहे आधार डाटा और आधार के प्रति लोगों कम जानकारी सरकार के लिए मुसीबत का सबब बन सकती हैं। सरकार इन बातों को समझती है।