भारत में तेजी से बढ़ रहा मोबाइल विज्ञापन, पिछले 2 सालों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि: मोमैजिक

आप में से अधिकतर लोग स्मार्टफोन इस्तेमाल करते होंगे। ऐसे में आप अपने फोन पर कई तरह के विज्ञापन भी देखते होंगे। आपने गौर किया होगा कि कई बार आप जब ऐप को ओपन करते हैं तो आपको विज्ञापन देखने को मिलता है और कई बार ऐप के इस्तेमाल के दौरान भी आपको विज्ञापन देखना पड़ता है। कई बार किसी खास ऐप को डाउनलोड करने पर भी आपको पैसे और कूपन भी मिलते हैं, हालांकि दो साल पहले तक भारत में मोबाइल पर विज्ञापन का बाजार उतना खास नहीं था जितना अब दो साल बाद हो गया है। डिजिटल मार्केटिंग फर्म मोमैजिक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत में स्मार्टफोन पर दिया जाने वाला डिजिटल विज्ञापन का बाजार इतना बढ़ गया है कि 84 प्रतिशत विज्ञापनदाता मोबाइल विज्ञापन के लिए खर्च करने पर राजी हैं।
इस रिपोर्ट के बारे में बताते हुए मोमैजिक के सीईओ और संस्थापक अरुण गुप्ता ने कहा, 'भारत में मोबाइल विज्ञापन में अगले दो साल में एक बड़ा और व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। दरअसल भारत में अब लोग टीवी के मुकाबले अपने मोबाइल पर वीडियो देखना अधिक पसंद कर रहे हैं और इसके पीछे का कारण है कि भारत में मोबाइल इंटरनेट की कीमत पूरी दुनिया में सबसे कम है। ऐसे में विज्ञापन के बेहतर परिणाम के लिए विज्ञापनदाता और कारोबारियों ने अपनी विज्ञापन की रणनीति को पूरी तरह से बदल दिए हैं।'

मोमैजिक ने इसके लिए एक सर्वे किया था जिसमें से ये आंकड़े निकलकर बाहर आए हैं। इस सर्वे में शामिल 64 प्रतिशत विज्ञापनदातों ने माना कि अभी भी मोबाइल विज्ञापन पर उनका खर्च 50 फीसदी से कम है, वहीं 23 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनका डिजिटल विज्ञापन के रूप में उनका मोबाइल विज्ञापन 50 फीसदी से अधिक है।
मोजैकि के सर्वे की खास बातें
- इस सर्वे में शामिल 84% लोगों ने माना कि पिछले दो सालों मोबाइल विज्ञापन में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हुई है।
- 60% विज्ञापनदाता या कारोबारियों ने माना कि मोबाइल विज्ञापन पर उनका कुल खर्च अभी भी 50 फीसदी से कम है।
- 23% लोगों ने माना कि वे अपने मोबाइल विज्ञापन पर 50 फीसदी से अधिक खर्च करते हैं।
- 53% लोगों ने माना कि अपने ग्राहकों के पास पहुंचने का सबसे बेहतर जरिया मोबाइल विज्ञापन ही है।