Smartphone Alert: आपके स्मार्टफोन में भी हो सकता है मैलवेयर, कंपनियां खुद इंस्टॉल कर रहीं वायरस

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Mon, 22 May 2023 01:20 PM IST
सार

यह मैलवेयर यूजर्स के फोन पर एप का इस्तेमाल कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मैलवेयर लोकप्रिय मैसेजिंग एप व्हाट्सएप को भी कंट्रोल करने में सक्षम है।

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mobile manufacturers Pre Installed Malware in Android Phones also be in your phone said report
रिपोर्ट के मुताबिक, मैलवेयर लोकप्रिय मैसेजिंग एप व्हाट्सएप को भी कंट्रोल करने में सक्षम है। - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    यदि आप एंड्रॉयड फोन का इस्तेमाल करते हैं तो आपको अलर्ट रहने की जरूरत है। आपके स्मार्टफोन में भी मैलवेयर हो सकता है। यह मैलवेयर स्मार्टफोन कंपनियां ही प्री-इंस्टॉल करके दे रहीं हैं। कंपनियां इसका इस्तेमाल यूजर्स के डाटा की जानकारी चुराने और विज्ञापन इंजेक्ट करने के लिए कर रही हैं। सिक्योरिटी रिसर्चर ने यह खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत, इंडोनेशिया, मैक्सिको, थाईलैंड, रूस और अमेरिका सहित कई देशों के यूजर्स को प्रभावित करने वाले विभिन्न निर्माताओं के एंड्रॉयड स्मार्टफोन को मैलवेयर आउट-ऑफ-द-बॉक्स से संक्रमित पाया गया है।

    सुरक्षा फर्म ट्रेंड माइक्रो ने हाल ही में बताया कि लगभग 8.9 मिलियन यानी 89 लाख एंड्रॉयड फोन गुरिल्ला मैलवेयर से संक्रमित थे, जिसमें 50 से अधिक निर्माताओं के फोन प्रभावित हुए थे। रिसर्च को हाल ही में आयोजित हुए ब्लैक हैट एशिया 2023 सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में पेश किया गया था। गुरिल्ला मैलवेयर कथित तौर पर ट्रायडा मैलवेयर के जैसा ही है, जो 2016 में स्मार्टफोन में पाया गया था।

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    रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, फोन में पहले से इंस्टॉल किया गया यह सॉफ्टवेयर प्रभावित यूजर्स की प्राइवेसी से समझौता कर सकता है और अत्यधिक बैटरी उपयोग के कारण खराब यूजर्स एक्सपीरियंस का कारण बन सकता है। सिक्योरिटी रिसर्चर के अनुसार, गुरिल्ला मैलवेयर व्यक्तिगत डाटा एकत्र करने और विज्ञापनों को रेगुलर एप्स में इंजेक्ट करने के लिए खुद को अपडेट भी कर सकता है और यूजर्स के फोन पर अतिरिक्त सॉफ्टवेयर लगा सकता है।

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    रिपोर्ट के अनुसार, यूजर्स के फोन में पहले से इंस्टॉल मैलवेयर, यूजर्स के एक्सपीरियंस को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है, जिसमें बैटरी जल्दी खत्म होना और फोन की प्रोसेसिंग स्पीड को कम करना शामिल है। हालांकि, सुरक्षा फर्म ने मैलवेयर से प्रभावित किसी भी मैन्युफेक्चरर या मॉडल का खुलासा नहीं किया है। बता दें कि गुरिल्ला मैलवेयर का पहली बार 2018 में स्मार्टफोन में पाया गया था और गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से डाउनलोड किए गए एप में भी मैलवेयर देखा गया था।

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