साइबर फ्रॉड: सरकार ने लॉन्च किया हेल्पलाइन नंबर, डिजिटल पेमेंट की भी कर सकते हैं शिकायत
गृह मंत्रालय के तहत हेल्पलाइन 155260 और इसका रिपोर्टिंग प्लैटफॉर्म को इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन (आई4सी) द्वारा संचालित किया गया है जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक, सभी बड़े बैंकों, भुगतान बैंक, वॉलेट और ऑनलाइन कारोबारियों का सक्रिय सहयोग मिला है।

भारत में साइबर फ्रॉड में आए दिन इजाफा देखने को मिल रहा है। हर दिन किसी-ना-किसी के साथ किसी तरह का ऑनलाइन फ्रॉड हो रहा है। कोई यूपीआई फ्रॉड का शिकार हो रहा है तो किसी को सोशल मीडिया के जरिए चूना लगाया जा रहा है। साइबर फ्रॉड से लोगों को बचाने के लिए सरकार ने काफी पहले साइबर दोस्त नाम से एक प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है जो कि ट्विटर पर भी काफी एक्टिव है और अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साइबर धोखाधड़ी से होने वाले वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 155260 और रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय हेल्पलाइन और रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने वाले लोगों को इस तरह के मामलों की सूचना देने के लिए एक मंच उपलब्ध कराते हैं जिससे कि खून-पसीने की उनकी कमाई के नुकसान को रोका जा सके।

बयान में सुरक्षित डिजिटल भुगतान प्रणाली उपलब्ध कराने की मोदी सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए कहा गया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृतव में गृह मंत्रालय ने साइबर धोखाधड़ी से होने वाले वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 155260 और रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। संबंधित हेल्पलाइन एक अप्रैल 2021 को सीमित तरीके से शुरू की गई थी।

गृह मंत्रालय के तहत हेल्पलाइन 155260 और इसका रिपोर्टिंग प्लैटफॉर्म को इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन (आई4सी) द्वारा संचालित किया गया है जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक, सभी बड़े बैंकों, भुगतान बैंक, वॉलेट और ऑनलाइन कारोबारियों का सक्रिय सहयोग मिला है। आई4सी द्वारा कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और मध्यवर्ती संस्थाओं को एकीकृत करने के लिए वित्तीय नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी सूचना एवं प्रबंधन प्रणाली संस्थानिक रूप से विकसित की गई है।
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