किसान आंदोलन के बीच Jio की MNP सेवा हुई ठप, यूजर्स ने RTI से मांगा जवाब

नए कृषि बिल को लेकर किसानों में आक्रोश है और यह आक्रोश अब पूरी तरह से एक ऐसे आंदोलन में बदल गया है जो कि आर-पार वाला है। किसान आंदोलन में अभी तक कई किसानों की जान चली गई है। नए बिल को लेकर किसान, अंबानी ग्रुप, अडानी ग्रुप के साथ-साथ सरकार से भी खफा है। अभी तक सरकार और किसानों के बीच सात बैठकें हो गई हैं लेकिन नतीजा नहीं निकला है। नए बिल के विरोध में किसान पंजाब में जियो के टावर को नुकसान पहुंचा रहे हैं और जियो का भी बहिष्कार कर रहे हैं। किसान लगातार जियो के सिम को दूसरी कंपनी में पोर्ट करा रहे हैं। अचानक से बड़े स्तर पर मोबाइल नंबर पोर्टेबलिटी (MNP) को लेकर जियो की मुश्किलें बढ़ गई हैं और इसी बीच MNP सेवा भी ठप हो गई। ट्विटर पर कई यूजर्स ने इसकी शिकायत की है। यूजर्स का कहना है कि किसानों ने जियो का बहिष्कार किया है, इसी वजह से जियो ने MNP पर रोक लगा दी है।
दूरसंचार विभाग के नियमों को तोड़ रहा जियो: किसान एकता मार्च

रिलायंस जियो के कई यूजर्स ने ट्विटर पर टेलीकॉम रेग्युलेटरी ऑफ इंडिया (TRAI) को टैग करते हुए ट्वीट किया है कि जियो ने MNP पर रोक लगा दी है जिसके कारण वे अपने नंबर को दूसरी कंपनी में पोर्ट नहीं करा पा रहे हैं, हालात यह हो गई है कि जियो यूजर्स MNP के लिए मैसेज भी नहीं भेज पा रहे हैं। कुछ लोगों के MNP मैसेज डिलीवर ही नहीं हो रहे हैं तो कईयों के मैसेज का कंपनी जवाब ही नहीं दे रही है। किसान एकता मार्च के ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके कहा गया है कि रिलायंस जियो ने MNP को बंद कर दिया है जो कि दूरसंचार विभाग द्वारा तय किए गए कानूनों और नियमों के खिलाफ है।
गुरप्रीत कौर नाम के एक यूजर ने ट्वीट करके कहा है, 'मैं अपने जियो नंबर को एयरटेल में पोर्ट कराना चाह रहा हूं लेकिन नहीं हो पा रहा है। ट्राई, कृपया आप इस मामले को देखें। मैं पिछले तीन दिनों से परेशान हूं।'
RTI के जरिए जियो से मांगा जवाब

अमान बाली नाम के एक यूजर ने ट्वीट करके कहा है कि उनकी टीम ने जियो से सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जियो से MNP पर रोक लगाने को लेकर जवाब मांगा है। आरटीआई में पूछा गया है कि जियो के यूजर्स एमएनपी वाले मैसेज क्यों नहीं भेज पा रहे हैं और जो मैसेज भेजे गए हैं, कंपनी उनका जवाब क्यों नहीं दे रही है। यदि इस संबंध में कोई तकनीकी खामी है तो कंपनी उसके बारे में विस्तार से जानकारी दे, हालांकि जियो ने अभी तक इस मसले पर कुछ नहीं कहा है।
Aircel के साथ 2018 में हुई थी ऐसी ही दिक्कत

बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जब किसी टेलीकॉम ऑपरेटर के साथ एमएनपी को लेकर दिक्कतें आ रही हैं। इससे पहले मार्च 2028 में एयरसेल के करीब तीन लाख यूजर्स भी इससे प्रभावित हुए थे। एयरसेल के इन सभी यूजर्स ने एमएनपी के लिए मैसेज भेजे थे लेकिन कंपनी ने किसी को रिप्लाई नहीं किया, हालांकि बाद में कंपनी ने बताया कि उसके पास संसाधनों की कमी थी जिसके कारण बड़े स्तर पर आए एमएनपी मैसेज का जवाब नहीं दिया गया।