Chandrayaan-3: जियो-एयरटेल ने नहीं दिया साथ, BSNL नेटवर्क के भरोसे चंद्रयान-3 कर रहा वैज्ञानिकों से बात

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Tue, 05 Sep 2023 05:30 PM IST
सार

इसरो टेलीमेट्री ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क (ISTRAC) ने हाल ही में चंद्रयान-3 मिशन की सफल लैंडिंग के एतिहासिक क्षण में सहायता के लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) को धन्यवाद दिया है।

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ISRO used BSNL network support for Chandrayaan-3 mission know all details
चंद्रयान-3 मिशन में बीएसएनएल नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने चंद्रयान-3 मिशन में नेटवर्क कनेक्टिविटी के लिए BSNL का इस्तेमाल किया है। जी हां जियो या एयरटेल नहीं बल्कि, वह बीएसएनएल ही है जिसने चंद्रयान-3 मिशन में इसरो के लिए कनेक्टिविटी प्रदान की है। भारत के लिए चंद्रयान-3 रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मिशन है और इसरो ने कनेक्टिविटी मुहैया कराने की जिम्मेदारी किसी निजी कंपनी को नहीं बल्कि सरकारी कंपनी बीएसएनएल को दी। जिसके बाद बीएसएनएल ने यह काम सफलतापूर्वक किया।

    इसरो टेलीमेट्री ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क (ISTRAC) ने हाल ही में चंद्रयान-3 मिशन की सफल लैंडिंग के एतिहासिक क्षण में सहायता के लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) को धन्यवाद दिया है।

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    टेराकॉम के मैनेजर, एम हेमंत कुमार ने बीएसएनएल कर्नाटक सीजीएम जी आर को लिखे एक पत्र में कहा, "मैं आपके और आपकी टीम के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जिन्होंने चंद्रयान-3 मिशन के लिए अपना समर्थन दिया है। ISTRAC इस तरीके की सराहना करता है। इस मिशन में महत्वपूर्ण लिंक की निगरानी जारी रखी है, जिसने चंद्रयान-3 मिशन डाटा को बेंगलुरु के सैटेलाइट कंट्रोल सेंटर में समर्थन दिया है।

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    भारत ने 23 अगस्त को चंद्रमा पर चंद्रयान -3 की एतिहासिक लैंडिंग से इतिहास रच दिया। चंद्रयान-3 मिशन चंद्रयान-2 का अगला चरण है, जिसने चंद्रमा की सतह पर उतरकर वैज्ञानिक परीक्षण किए।

    चंद्रयान -3 मिशन ने 14 जुलाई को दोपहर 2:35 बजे श्रीहरिकोटा केंद्र से उड़ान भरी थी और योजना के अनुसार 23 अगस्त को शाम छह बजकर चार मिनट पर चंद्रमा पर सफल लैंडिंग की। इस मिशन से भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है। वहीं चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया।

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