क्या है ई-मेल, जानिए रे टॉम्लिन्सन और अय्यादुरई की खोज

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अमेरिकी इंजीनिजर रे टॉम्लिन्सन की मृत्यु के बाद ई-मेल के आविष्कार पर नई बहस शुरू हो गई है। कंप्यूटर इंजीनियर के तौर पर काम करते हुए उन्होंने पहली बार @ का इस्तेमाल किया। हालांकि उन्हें याद नहीं रहा कि उन्होंने पहला मेल में क्या भेजा था। उनके मुताबिक 1971 में संभावत: पहले संदेश QWERTYUIOP या कुछ इसी तरह का था।
मृत्यु की खबर के कुछ दिन बाद भारतीय मूल के डॉ. शिवा अय्यादुरई ने दावा किया है कि ईमेल का आविष्कार उन्होंने किया है और उनके पास इसका कॉपीराइट भी है। अय्यादुरई ने लिखा, ‘रे टॉम्लिन्सन के निधन पर ऑनलाइन कम्युनिकेशन के लिए के लिए उनके प्रयासों का सम्मान करता हूं, जैसे इंटरनेट एड्रेस के लिए दिया गया उनका @ का साइन।’ आइए जानते हैं कैसे बना ई-मेल।
पहला ई-मेल, @ का क्या है मतलब

एक बात स्पष्ट है कि पहला ई-मेल 1971 रे टॉम्लिन्सन ने भेजा। एक ऐसा सिस्टम तैयार किया जिससे अलग नेटवर्क्स पर मौजूद कंप्यूटर्स पर इलेक्ट्रॉनिक मैसेज भेजे जा सके।
ईमेल भेजने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक एड्रेस की जरूरत होती है यानि ई-मेल एड्रेस। ई-मेल एड्रेस यूजर के नाम और डेस्टिनेशन नाम से मिलकर बनता है। यूजर के नेम और डेस्टिनेशन एड्रेस को जोड़ने का काम @ साइन करता है। उदाहरण के लिए user@gmail.com
इससे पहले एक ही कंप्यूटर पर मौजूद अन्य यूजर्स के साथ मैसेज शेयर कर सकते थे। रे टॉम्लिन्सन के मुताबिक 'उस दौरान मैं कई सिस्टम पर एक साथ काम कर रहा था। एक कंप्यूटर पर मैसेज टाइप करके भेजता और कुर्सी खिसकाकर दूसरे पर जाकर मैसेज देखा करता था।'
ईमेल में @ के उपयोग के बारे में टॉम्लिन्सन का कहना है कि मैं एक नए नेटवर्क 'अरपा' (ARPA) एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी नेटवर्क (इंटरनेट से पहले की तकनीक) पर मैसेज भेज रहा था। पर इन संदेशों को याद रखना मुश्किल था। क्योंकि सब एक से दिखते थे। तब यूजरनेम और डेस्टिनेशन एड्रेस अलग करने का सोचा। इसलिए @ लगाया। ये तरीका भी कामयाब रहा।
भारतीय मूल के अय्यादुरई का दावा

भारतीय मूल के डॉ वीए शिवा अय्यादुरई का दावा है कि उन्होंने 14 साल की उम्र में ईमेल की खोज कर ली थी। अय्यादुरई के मुताबिक ईमेल का वास्तविक मतलब यह होता है कि उसमें 'इनबॉक्स, आउटबॉक्स, ड्रॉफ्ट्स, फोल्डर, अटैचमेंट्स, कॉर्बन कॉपी, ग्रुप, फॉरवर्डिंग, रिप्लाई, डिलीट, ऑर्काइव' जैसी सुविधाएं हो। उन्होंने ने दावा किया कि यह सारी सुविधाएं उनके ईमेल में थी।
inventorofemail.com के मुताबिक 1982 में अय्यादुरई ने पहली बार ईमेल (इलेक्ट्रॉनिक मेल सिस्टम) के लिए कॉपीराइट कराया था। अय्यादुरई को इसके लिए वेस्टिंगहाउस साइंस टैलेंट सर्च ऑनर्स अवॉर्ड से नवाजा गया था। स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ अमेरिकन हिस्ट्री ने अय्यादुरई की ईमेल प्रोसेस को एक्सेप्ट कर लिया।
अय्यादुरई के मुताबिक 'टेक्स्ट मैसेज भेजने को ईमेल नहीं कहा जा सकता।'
बहरहाल तकनीक की दुनिया में कॉपी राइट और पेटेंट की जंग अक्सर देखने को मिलती है। @ के बिना ईमेल भेजना संभव नहीं है और कोई भी टेक्स्ट मैसेज ईमेल नहीं हो सकता। ईमेल की खोज का सारा श्रेय अय्यादुरई को दिया जाए या फिर टॉम्लिन्सन को? इस पर अभी चर्चा जारी है।