एआई के क्षेत्र में साथ आएंगे भारत और यूके: लंदन में बोले भारतीय उच्चायुक्त- दोनों देशों के पास बड़ी क्षमताएं
India-UK AI Collaboration: ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने कहा है कि भारत एआई के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने यूके के साथ सहयोग बढ़ाकर तकनीक, विकास और समावेशन को नई दिशा देने पर जोर दिया।

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ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त विक्रम डोरायस्वामी ने कहा है कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है और आने वाले समय में यह वैश्विक स्तर पर बड़ी भूमिका निभा सकता है। लंदन में भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित एक एआई कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत और यूनाइटेड किंगडम मिलकर इस क्षेत्र में बड़ा काम कर सकते हैं। उनके मुताबिक, दोनों देशों के पास मजबूत क्षमताएं हैं, जिन्हें साथ लाकर नई संभावनाएं पैदा की जा सकती हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में एआई को लेकर सोच में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां इसे केवल सुरक्षा और जोखिम के नजरिए से देखा जाता था, वहीं अब इसे आर्थिक विकास, सामाजिक समावेशन और अवसर बढ़ाने के साधन के रूप में देखा जा रहा है।
एआई में साथ आएंगे दोनों देश
विक्रम डोरायस्वामी ने जोर देकर कहा कि एआई का फायदा सभी देशों और समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए। यह तकनीक न सिर्फ आर्थिक विकास बल्कि “पीपुल्स डिविडेंड” और “इन्क्लूजन डिविडेंड” भी दे सकती है। उन्होंने यह भी माना कि अब तक भारत और यूके ने टेक सेक्टर में अक्सर अलग-अलग काम किया है, लेकिन अब समय आ गया है कि दोनों देश मिलकर काम करें और अपनी ताकत को जोड़ें।
ऋषि सुनक: "क्रिकेट में हम आगे, पर एआई में भारत!"
इस मौके पर पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी एआई को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि स्टैनफोर्ड AI इंडेक्स के मुताबिक भारत और यूके दोनों एआई सुपरपावर बन चुके हैं, हालांकि हाल ही में भारत रैंकिंग में आगे निकल गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश एआई के लिए एक संतुलित और इनोवेशन-फ्रेंडली अप्रोच अपनाते हैं, जो न तो यूरोप की तरह सख्त है और न ही अमेरिका की तरह अनिश्चित। सुनक ने भारत द्वारा बनाए गए एआई सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों को इस क्षेत्र में मिलकर काम करना चाहिए, ताकि नई तकनीकों से जुड़े जोखिमों को कम किया जा सके।
उन्होंने बताया कि यूके-इंडिया टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव इस सहयोग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। आने वाले जून में होने वाला लंदन टेक वीक इस साझेदारी को आगे बढ़ाने का बड़ा मौका हो सकता है, जहां दोनों देश ठोस परिणाम हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
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