AI: एआई समिट में आने से पहले सैम ऑल्टमैन का बड़ा खुलासा, 10 करोड़ भारतीय हर हफ्ते इस्तेमाल कर रहे ये एआई टूल
AI Impact Summit 2026:
ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने खुलासा किया है कि भारत में अब हर सप्ताह 10 करोड़ लोग ChatGPT का उपयोग कर रहे हैं। अमेरिका के बाद भारत कंपनी का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है, जो देश में तेजी से बढ़ती AI स्वीकार्यता को दर्शाता है।

विस्तार
ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने हैरान करने वाले आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि अब हर हफ्ते 10 करोड़ से ज्यादा भारतीय चैटजीपीटी (ChatGPT) का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस मामले में भारत अब केवल अमेरिका से पीछे है। अगर पूरी दुनिया की बात करें तो चैटजीपीटी के साप्ताहिक यूजर्स की संख्या 90 करोड़ के आंकड़े को छूने वाली है, जिसमें अकेले भारत का हिस्सा काफी बड़ा है।
भारतीय छात्र युवा एआई उपयोग में सबसे आगे
सैम ऑल्टमैन ने भारत में चैटजीपीटी की बढ़ती लोकप्रियता का कारण भी बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय युवा चैटजीपीटी को पढ़ाई और रिसर्च का एक अहम हिस्सा बना चुके हैं, इसलिए यह टूल दूसरों के मुकाबले देश में काफी तेजी से लोकप्रिय हुआ है। दुनिया में चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने वाले छात्रों की सबसे बड़ी संख्या भारत में ही है।
उन्होंने बताया कि भारत में इंटरनेट यूजर्स की संख्या 100 करोड़ से ज्यादा है और यहां का युवा वर्ग नई तकनीक को अपनाने में सबसे आगे रहता है। इसका सीधा फायदा ओपनएआई को मिला है। यही वजह है कि ओपनएआई ने पिछले साल दिल्ली में अपना ऑफिस खोला और भारतीयों के लिए खास प्लान भी पेश किए हैं।
भारत के लिए ChatGPT का खास प्लान
ओपनएआई ने भारतीयों की नब्ज पहचानते हुए पहले 5 डॉलर से भी कम का 'चैटजीपीटी गो' (ChatGPT Go) प्लान लॉन्च किया था। हालांकि, बाद में भारतीय यूजर्स के लिए इसे एक साल के लिए बिल्कुल मुफ्त कर दिया गया। हालांकि, इस रेस में गूगल भी पीछे नहीं है। गूगल ने भी अपने 'एआई प्रो' प्लान को छात्रों के लिए एक साल तक फ्री दिया है। गूगल का कहना है कि उनकी एआई टूल जेमिनी (Gemini) का इस्तेमाल भी सीखने-पढ़ाने के मामले में भारत में सबसे ज्यादा हो रहा है।
केवल इस्तेमाल ही काफी नहीं, चुनौतियां भी बरकरार
इतनी लोकप्रियता के बावजूद सैम ऑल्टमैन ने एक बड़ी चुनौती की ओर भी इशारा किया है। उन्होंने कहा कि केवल एप का इस्तेमाल करना ही काफी नहीं है, बल्कि इसे आर्थिक तरक्की और लोकतांत्रिक सुधारों से जोड़ना जरूरी है। सरकार का 'इंडिया-एआई मिशन' इस दिशा में काम कर रहा है ताकि एआई की सुविधाएं केवल कुछ बड़े लोगों तक न सिमटें, बल्कि आम जनता और छोटे स्टार्टअप्स को भी इसका फायदा मिले।
दिल्ली में जुट रहे हैं दुनिया के दिग्गज
यह खुलासा उस वक्त हुआ है जब दिल्ली का भारत मंडपम दुनिया के सबसे बड़े एआई समिट की मेजबानी कर रहा है। 5 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में सुंदर पिचाई (गूगल), सैम ऑल्टमैन (OpenAI), मुकेश अंबानी और नंदन नीलेकणि जैसे दिग्गज शामिल हो रहे हैं। उम्मीद है कि इस समिट के दौरान ओपनएआई भारत सरकार के साथ कुछ बड़े समझौतों का एलान कर सकता है।
एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होंगे ऑल्टमैन
गौरतलब है कि नई दिल्ली में सोमवार, 16 फरवरी से 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का आगाज हो चुका है। इस अंतर्राष्ट्रीय आयोजन का समापन 20 फरवरी को होगा। पांच दिन तक चलने वाले इस इवेंट में देश-दुनिया की कई बड़ी हस्तियां शामिल होने जा रही है। इसमें ग्लोबल टेक इंडस्ट्री की कई बड़ी हस्तियों के भी नाम शामिल हैं।
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