IIT-Madras: सिलिकॉन वैली में बजेगा भारत का डंका! IIT-मद्रास ने अमेरिका में खोला अपना पहला रिसर्च सेंटर

Nitish Kumar
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीNitish Kumar
Wed, 06 May 2026 01:27 PM IST
सार

IIT-M California Research Centre:

भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए IIT मद्रास ने अमेरिका में अपना पहला ग्लोबल सेंटर लॉन्च किया है। यह पहल भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय बाजार, निवेश और इनोवेशन इकोसिस्टम से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी।

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आईआईटी मद्रास - फोटो : ANI

    विस्तार

    भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास ने ग्लोबल रिसर्च और इनोवेशन की दुनिया में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। संस्थान के 'आईआईटीएम ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन' ने अमेरिका में अपना पहला सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है। इस अहम कदम के साथ ही भारत के डीप-टेक इनोवेशन ने सीधे ग्लोबल इकोसिस्टम में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा दी है।

    कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क में स्थित इस नए सेंटर की शुरुआत वैसे तो 24 अप्रैल को ही हो गई थी, लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा मंगलवार को मैरीलैंड के नेशनल हार्बर में आयोजित 'सिलेक्ट यूएसए इन्वेस्टमेंट समिट' के दौरान की गई।

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    7.5 मिलियन डॉलर का निवेश और ग्लोबल लक्ष्य

    इस बड़े प्रोजेक्ट को लेकर आईआईटीएम ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन के सीईओ तिरुमलाई माधवनारायण ने विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि 'सीए स्टार्टअप्स' के साथ साझेदारी में खुला यह मेनलो पार्क सेंटर अमेरिका में उनके संचालन का एक बेहद रणनीतिक और मुख्य आधार बनने जा रहा है। इस पूरे सेंटर को कुल 7.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश से विकसित किया जाएगा, जिसमें आईआईटीएम ग्लोबल की तरफ से 4.5 मिलियन डॉलर का 'ग्रीनफील्ड' निवेश भी शामिल है।

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    कंपनी का मुख्य लक्ष्य एक ऐसा मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जो भारत के डीप-टेक स्टार्टअप्स को लैब से निकालकर सीधे ग्लोबल मार्केट तक पहुंचा सके। इसके साथ ही, इस पहल के जरिए दुनिया भर के बेहतरीन इनोवेशन को भारत की ओर आकर्षित करने की भी योजना है।

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    सिलिकॉन वैली के करीब स्टार्टअप्स को मिलेगा नया आसमान

    यह नया आईआईटीएम सेंटर सिलिकॉन वैली के बेहद करीब स्थित है, जो तकनीकी दुनिया का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता है। इस रणनीतिक लोकेशन का फायदा उठाते हुए इसे भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए एक 'लॉन्चपैड' के रूप में तैयार किया जा रहा है। यहां से भारतीय स्टार्टअप्स को ग्लोबल कैपिटल (वैश्विक पूंजी), विदेशी बाजारों तक पहुंच, बेहतरीन मेंटरशिप और दुनिया की बड़ी कंपनियों के साथ साझेदारी करने का सुनहरा मौका मिलेगा।

    यह सेंटर न केवल डीप-टेक रिसर्च और उसके व्यवसायीकरण पर ध्यान केंद्रित करेगा, बल्कि स्टार्टअप इनक्यूबेशन के लिए एक मुख्य केंद्र के रूप में भी काम करेगा। इसका मकसद उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच साझेदारी को मजबूत करना है ताकि उच्च क्षमता वाले इनोवेशन को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।

    ईस्ट कोस्ट पर भी बनेगा एक और नया सेंटर

    कैलिफोर्निया में अपनी शानदार शुरुआत के बाद संस्थान यहीं रुकने वाला नहीं है। आईआईटीएम ग्लोबल ने अमेरिका के प्रमुख इनोवेशन कॉरिडोर्स में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने के लिए 'यूएस ईस्ट कोस्ट' पर एक दूसरा सेंटर स्थापित करने की भी घोषणा कर दी है। यह आगामी ईस्ट कोस्ट सेंटर प्रमुख नीतिगत, वित्तीय और शैक्षणिक इकोसिस्टम के साथ जुड़कर अमेरिका में संस्थान की मौजूदगी को और भी ज्यादा व्यापक और असरदार बनाएगा।

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    भारतीय राजदूत से मुलाकात और भविष्य की उम्मीदें

    इस बड़े कदम के बीच आईआईटीएम ग्लोबल के प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा से भी खास मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में आईआईटी-मद्रास द्वारा इनक्यूबेट किए गए पांच प्रमुख डीप-टेक स्टार्टअप्स- अत्री एआई (Atri AI), जीरोवॉट (Zerowatt), सटोरी एक्सआर (Satori XR), ग्रीनएनवायरनमेंट (Greenvironment) और ई-प्लेन कंपनी (ePlaneCompany) के संस्थापक शामिल थे।

    इस मुलाकात के बाद राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि आईआईटीएम ग्लोबल के प्रमुख तिरुमलाई माधवनारायण और इन पांचों शानदार स्टार्टअप्स के संस्थापकों के साथ 'सिलेक्ट यूएसए समिट' के दौरान उनकी बहुत ही ज्ञानवर्धक बातचीत हुई। क्वात्रा ने इन युवा टेक लीडर्स के काम की तारीफ करते हुए कहा कि वे उनसे काफी प्रेरित हुए हैं। इस दौरान भारत और अमेरिका के टेक इकोसिस्टम में मौजूद नए अवसरों पर चर्चा की गई और उन्होंने विश्वास जताया कि भारत-अमेरिका इनोवेशन सहयोग का भविष्य बेहद उज्ज्वल है।

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