मुद्दे की बात: आपके फोन में वायरस है या नहीं, कैसे पता चलेगा, पहचानने का तरीका जान लें
वायरस एक तरह के मैलवेयर होते हैं जो एक बार किसी डिवाइस में आने के बाद खुद को एक नया रूप देने में माहिर होते हैं। ये रक्तबीज की तरह होते हैं और एक बार सिस्टम में आने के बाद ये अपनी संख्या लगातार बढ़ाते रहते हैं।

विस्तार
किसी के स्मार्टफोन में मैलवेयर का वायरस का आना आज कोई बड़ी बात नहीं है। इंटरनेट पर लोग हर रोज सैकड़ों बार सर्च कर रहे हैं। वायरस एक तरह के मैलवेयर होते हैं जो एक बार किसी डिवाइस में आने के बाद खुद को एक नया रूप देने में माहिर होते हैं। ये रक्तबीज की तरह होते हैं और एक बार सिस्टम में आने के बाद ये अपनी संख्या लगातार बढ़ाते रहते हैं। आज की इस रिपोर्ट में हम आपको वायरस को डिटेक्ट करने का तरीका बताएंगे।
- यदि आपके फोन में मैलवेयर है तो Google भी आपको इसके लिए अलर्ट भेजता है।
- इसके अलावा कई बार फोन में ऐसी जगह पर पॉपअप नोटिफिकेशन देखने को मिलते हैं जहां उन्हें होना ही नहीं चाहिए।
- फोन का अचानक से स्लो हो जाना भी मैलवेयर के होने की निशानी है।
- फोन की स्टोरेज अचानक से फुल हो जाती है तो आपको सतर्क हो जाने की जरूरत है।
- आपके फोन का ब्राउजर बार-बार किसी अश्लील या अनजान साइट पर आपको री-डायरेक्ट कर रहा हो।
- आपकी फैमिली के लोगों को ऐसे मैसेज मिलने लगते हैं जिन्हें आपने भेजा ही नहीं है।
- अनजान लिंक्स पर क्लिक करने के बाद।
- मेल, व्हाट्सएप या मैसेज के जरिए इस तरह के लिंक भेजे जाते हैं।
- इन लिंक्स पर जब आप क्लिक करते हैं तो एक साइट ओपन होती है और आपके फोन में वायरस पहुंचते हैं।
- अनजान या संदिग्ध साइट पर विजिट करने से भी आपके फोन में वायरस आ सकते हैं।
- गूगल प्ले-स्टोर या एपल एप स्टोर के अलावा किसी अन्य स्टोर से एप डाउनलोड करने पर।
- पब्लिक प्लेस जैसे- होटल, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के वाई-फाई से अपने फोन को कनेक्ट करने पर।
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