Google Maps: कितने किलोमीटर तक का रास्ता बता सकता है गूगल मैप्स, कौन-सी तकनीक करती है काम?

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Fri, 16 May 2025 05:10 PM IST
सार

How Google Map Works:

गूगल मैप्स आज हर सफर का साथी बन चुका है, जो किलोमीटरों की दूरी, ट्रैफिक जानकारी और शॉर्टकट रूट्स कुछ ही सेकंड में बता देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं इसके पीछे कौन-सी तकनीक काम करती है?

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how many kilometres of road can google maps show which technology works behind it
Google Maps - फोटो : FREEPIK

    विस्तार

    How Google Map Works:

    आज के डिजिटल युग में गूगल मैप्स एक ऐसा टूल बन चुका है, जो यात्रा की योजना से लेकर रास्ता ढूंढने और ट्रैफिक अपडेट तक हर चीज में मदद करता है। चाहे आपको अपने घर से ऑफिस का रास्ता जानना हो या फिर दिल्ली से कश्मीर की रोड ट्रिप प्लान करनी हो, गूगल मैप्स चंद सेकंड में दूरी, समय और रूट सब कुछ बता देता है। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर गूगल मैप्स कितनी दूरी तक रास्ता बता सकता है और इसके पीछे कौन-सी तकनीक काम करती है?

    कितनी दूरी तक रास्ता बताता है गूगल मैप्स?

    गूगल मैप्स दूरी की कोई सीमा नहीं रखता। यह लाखों किलोमीटर तक का रास्ता भी दिखा सकता है, बशर्ते उस दूरी के लिए सड़क मार्ग मौजूद हो। उदाहरण के लिए, आप भारत से यूरोप के किसी देश तक का रास्ता भी खोज सकते हैं। हालांकि, यह व्यावहारिक रूप से संभव न हो लेकिन तकनीकी रूप से मैप्स इसे दिखा सकता है।

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    Google Maps
    Google Maps - फोटो : FREEPIK

    कौन-सी तकनीक करती है काम?

    गूगल मैप्स के काम करने का तरीका काफी जटिल लेकिन दिलचस्प है। यह कई आधुनिक तकनीकों के साथ मिलकर काम करता है, जिनमें सबसे अहम है GPS यानी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम। यह तकनीक सैटेलाइट के माध्यम से आपके फोन की लोकेशन ट्रैक करती है और बताती है कि आप किस जगह पर मौजूद हैं। इसके अलावा गूगल एक खास सिस्टम इस्तेमाल करता है, जिसे जीआईएस यानी जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम कहते हैं। यह सिस्टम नक्शों, सड़कों और लोकेशन्स से जुड़ी ढेर सारी जानकारी को डिजिटल रूप में स्टोर करता है और जब आप रास्ता पूछते हैं, तो वह उस डेटा के आधार पर आपको गाइड करता है।

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    Google Maps
    Google Maps - फोटो : FREEPIK

    गूगल मैप्स को स्मार्ट और अपडेटेड बनाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और मशीन लर्निंग का भी बड़ा योगदान होता है। यह तकनीकें यूजर्स के व्यवहार को समझती हैं, जैसे आप रोज किस रास्ते से ऑफिस जाते हैं, कहां रुकते हैं, किस समय पर कौन-सा रास्ता खाली होता है, इन सभी बातों से गूगल सीखता है और अगली बार आपके लिए बेहतर सुझाव देता है। इतना ही नहीं, लाखों लोग जब रास्ते में जाम या किसी रुकावट की जानकारी गूगल को भेजते हैं, तो वह तुरंत सभी यूजर्स को अपडेट कर देता है कि इस रास्ते से बचें।

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    इसके अलावा गूगल की खुद की गाड़ियां और सैटेलाइट समय-समय पर तस्वीरें खींचती हैं, जिससे सड़कों और इलाकों की ताजा जानकारी मिलती रहती है। इस तरह गूगल मैप्स सिर्फ एक साधारण नक्शा नहीं, बल्कि एक ऐसा सिस्टम है जो हर समय एक्टिव रहता है और लगातार खुद को बेहतर बनाता रहता है।

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