Artificial Intelligence: गूगल एक हजार से भी अधिक भाषाओं की मदद से विकसित करेगा एआई, ये है कंपनी का प्लान

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Thu, 03 Nov 2022 02:36 PM IST
सार

गूगल के एक रिसर्चर ने कहा कि कल्पना कीजिए कि अफ्रीका में एक नया इंटरनेट यूजर अपने फोन का उपयोग करके यह पूछता है कि वोलोफ कहा है। दरअसल, वो निकटतम फार्मेसी खोज रहा है। ऐसी स्थितियों को हम हल्के में लेते हैं।

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Google Wants to Develop Artificial Intelligence with the help of One Thousand Languages
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) - फोटो : Istock

    विस्तार

    टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी गूगल (Google) ने बुधवार को कहा कि वह दुनियाभर की भाषाओं की मदद से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को डेवलप करना चाहता है। कंपनी ने कहा कि इसके लिए वह एक हजार से भी अधिक भाषाओं की मदद लेने पर विचार कर रहे हैं। दरअसल, एआई के डेवलपमेंट के लिए डाटा महत्वपूर्ण है और Google और उसके बड़े टेक प्रतिद्वंद्वी प्रोडक्ट के बेहतर परफॉर्मेंस के लिए इस जानकारी का उपयोग करना चाहते हैं।

    गूगल के एक रिसर्चर जोहान शाल्कविक ने कहा कि कल्पना कीजिए कि अफ्रीका में एक नया इंटरनेट यूजर अपने फोन का उपयोग करके यह पूछता है कि वोलोफ कहा है। दरअसल, वो निकटतम फार्मेसी खोज रहा है। ऐसी स्थितियों को हम हल्के में लेते हैं। उन्होंने कहा कि भाषाएं दुनियाभर में सभी के लिए उपलब्ध नहीं हैं। शाल्कविक के अनुसार, विश्व स्तर पर 7,000 से अधिक भाषाएँ हैं। हालांकि, गूगल केवल 130 से अधिक भाषाओं के लिए ही अपने अनुवाद प्रदान करता है।

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    यदि वजह है कि सर्च इंजन की दिग्गज कंपनी इसका विस्तार करने का लक्ष्य लेकर चल रही है और न केवल इंटरनेट पर उपलब्ध टेक्स्ट से, बल्कि वीडियो, इमेज और स्पीच से भी नई भाषाओं में डाटा माइन करना चाहती है।

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    यह समूह उन भाषाओं के लिए भी ऑडियो क्लिप एकत्र करना चाहता है जिनमें अधिक लिखित सामग्री उपलब्ध नहीं है। जिस तरह से यह प्रोजेक्ट चल रहा है, इसमें कई सालों का समय लग सकता है। गूगल ने इसके साथ यूट्यूब और गूगल ट्रांसलेट को भी एकीकृत करने की योजना बनाई है।

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    बता दें कि फेसबुक के स्वामित्व वाली मेटा ने इस साल की शुरुआत में ही इसी तरह की एक प्लान की घोषणा की थी, जिसे नो लैंग्वेज लेफ्ट बिहाइंड कहा जाता है। इस प्लान को दुनियाभर की सैकड़ों भाषाओं को कवर करने के लिए एक ट्रांसलेट सिस्टम बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।

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