Google का दावा: AI एजेंट ने साइबर अटैक को पहले ही कर दिया नाकाम, हैकर्स के लिए बना काल
पिछले साल नवंबर में इस AI ने पहली बार किसी वास्तविक सुरक्षा खामी को सफलतापूर्वक पहचाना था। तब से अब तक यह सिस्टम कई नई खामियों का पता लगा चुका है। Google ने बताया कि Big Sleep के साथ-साथ थ्रेट इंटेलिजेंस की मदद से वह एक बड़ी कमजोरी को उसके इस्तेमाल में आने से पहले ही रोकने में कामयाब हुआ।

विस्तार
आज जब टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं, तो इसकी क्षमताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब Google ने दावा किया है कि उसके इन-हाउस विकसित AI एजेंट ने एक साइबर अटैक को उसके शुरू होने से पहले ही रोक दिया।
Google के CEO सुंदर पिचाई ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि Big Sleep नामक AI एजेंट ने कंपनी की सुरक्षा टीम की मदद से एक "साइबर अटैक" को नाकाम कर दिया। यह AI सिस्टम DeepMind और Project Zero द्वारा विकसित किया गया है और इसका काम ऐसे सुरक्षा खतरों को ढूंढ़ना है जो अभी तक सामने नहीं आए हैं।
पिछले साल नवंबर में इस AI ने पहली बार किसी वास्तविक सुरक्षा खामी को सफलतापूर्वक पहचाना था। तब से अब तक यह सिस्टम कई नई खामियों का पता लगा चुका है। Google ने बताया कि Big Sleep के साथ-साथ थ्रेट इंटेलिजेंस की मदद से वह एक बड़ी कमजोरी को उसके इस्तेमाल में आने से पहले ही रोकने में कामयाब हुआ।
Google ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि Big Sleep को कब से सक्रिय रूप से सुरक्षा निगरानी में लगाया गया है, लेकिन संकेत दिए हैं कि यह काफी समय से पर्दे के पीछे सक्रिय है। इस तकनीक के आने से साइबर सुरक्षा एक रिएक्टिव (बाद में प्रतिक्रिया देने वाली) प्रक्रिया से हटकर प्रैक्टिव (पहले से सतर्क) प्रक्रिया बन सकती है।
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