Google bans 136 apps: प्ले स्टोर ने लगाई खतरनाक एप्स पर रोक, आप भी तुरंत कर दें डिलीट

सुरेंद्र जोशी
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुरेंद्र जोशी
Mon, 04 Oct 2021 09:47 AM IST
सार

गूगल का कहना है कि इन ऐप्स के बारे में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद 136 ऐप्स पर पाबंदी लगा दी गई है।

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Google Play Store bans 136 dangerous apps, you should delete them immediately
android malware - फोटो : amarujala

    विस्तार

    सायबर विशेषज्ञों ने एक मालवेयर को लेकर स्मार्टफोन यूजर्स को सावधान किया है। इसके कारण दुनियाभर के लाखों यूजर्स को करोड़ों रुपये की चपत लग चुकी है, इसलिए गूगल ने प्ले स्टोर पर मौजूद 136 खतरनाक एप्स को बैन कर दिया है। ये ऐप्स यदि आपके फोन भी हैं तो उन्हें तुरंत डिलीट कर दीजिए।

    सुरक्षा तकनीक को चकमा देकर सायबर धोखेबाजों ने आपके स्मार्ट फोन में सेंध लगा दी है। इसके लिए उन्होंने आपका फोन हैक नहीं किया बल्कि कई अन्य मैलवेयर एप्स उसमें इंस्टॉल करा दिए। ये मैलवेयर एप्स हैं, जो आपके रुपयों से लेकर डाटा तक सब चुरा रहे हैं।

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    सायबर सुरक्षा के जानकारों का कहना है कि धोखेबाजों ने एक और मालवेयर तैयार किया है। यह अब तक दुनिया भर के लाखों एंड्राइड स्मार्टफोन यूजर्स को करोड़ों रुपयों की चपत लगा चुका है। इसलिए गूगप प्ले स्टोर ने कई एप्स को प्रतिबंधित कर दिया है। गूगल का कहना है कि उसे इन एप्स के बारे में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद 136 एप्स पर पाबंदी लगा दी गई है।

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    सायबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने 'ग्रिफ्थोर्स एंड्राइड ट्रोजन' नाम के मोबाइल प्रीमियम सेवा अभियान की खोज की है। इसने समूची दुनिया में एक करोड़ से ज्यादा एंड्राइड फोन उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाया है। जहां सामान्य ऑनलाइन घोटाले फ़िशिंग तकनीकों का लाभ उठाते हैं, वहीं ग्रिफ्थोर्स एंड्रॉयड ट्रोजन अनूठा है। यह ट्रोजन के रूप में काम करने वाले मेलिसियस एंड्राइड ऐप के पीछे छिपा हुआ है।

    प्रतिबंधित कुछ एप्स ये हैं-

    हैंडी ट्रांसलेटर प्रो, हार्ट रेट ट्रैकर, पल्स ट्रैकर, जियोस्पॉट, जीपीएस लोकेशन ट्रैकर, आईकेयर, फाइंड लोकेशन, माई चैट ट्रांसलेटर जैसे एप्स शामिल हैं।

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