कठघरे में गूगल: कोर्ट ने खारिज की गूगल की अपील, डेटा ट्रैकिंग के लिए लग सकता है भारी जुर्माना
उपयोगकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि गूगल ने उनकी अनुमति के बिना उनके मोबाइल उपकरणों से निजी ब्राउजिंग हिस्ट्री को रिकॉर्ड किया। गूगल पर कैलिफोर्निया के अनधिकृत धोखाधड़ी वाले कंप्यूटर एक्सेस कानून का उल्लंघन करने का भी आरोप है।

विस्तार
सैन फ्रांसिस्को की संघीय अदालत में मुख्य न्यायाधीश रिचर्ड सीबॉर्ग ने गूगल की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उसने उपयोगकर्ताओं द्वारा दायर प्राइवेसी क्लास एक्शन मुकदमे को रद्द करने की मांग की थी। इस मुकदमे में आरोप है कि गूगल ने ट्रैकिंग बंद करने वाले बटन को बंद करने के बावजूद उपयोगकर्ताओं के डेटा को एकत्रित किया। यह निर्णय मुकदमे के संभावित 18 अगस्त ट्रायल का रास्ता साफ करता है।
उपयोगकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि गूगल ने उनकी अनुमति के बिना उनके मोबाइल उपकरणों से निजी ब्राउजिंग हिस्ट्री को रिकॉर्ड किया। गूगल पर कैलिफोर्निया के अनधिकृत धोखाधड़ी वाले कंप्यूटर एक्सेस कानून का उल्लंघन करने का भी आरोप है।
अदालत ने कहा कि गूगल का बटन और उसकी सेटिंग्स के बारे में उपयोगकर्ताओं को दी गई जानकारी अस्पष्ट और भ्रामक थी। गूगल का यह रवैया उपयोगकर्ताओं के लिए "अत्यधिक आपत्तिजनक" हो सकता है। शुरुआती जांच से पता चलता है कि गूगल ने जानबूझकर यह स्पष्ट नहीं किया कि डेटा किस तरह से संग्रहीत किया जा रहा है, क्योंकि सच जानने पर उपयोगकर्ता "चिंतित" हो सकते थे।
गूगल ने अदालत में कहा कि उसकी सेवाओं में प्राइवेसी कंट्रोल पहले से मौजूद हैं। उपयोगकर्ताओं ने उसकी शर्तों को स्वीकार किया था। उसका रिकॉर्ड रखने का तरीका किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता। बता दें कि अगस्त 2022 में सैन फ्रांसिस्को की संघीय अपील अदालत ने एक अन्य मामले में आरोप लगाया कि गूगल ने Chrome ब्राउजर उपयोगकर्ताओं को उनकी अनुमति के बिना ट्रैक किया। अप्रैल 2022 गूगल ने "Incognito" मोड में ब्राउजिंग करने वालों को ट्रैक करने के मामले में 5 बिलियन डॉलर से अधिक का जुर्माना भी दिया है।