गूगल फाइबर इंटरनेट के लिए चुकाने होंगे दाम

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गूगल फाइबर ने अपने क्रांतिकारी 1 Gbps इंटरनेट प्लान से तकनीक की दुनिया को हिलाकर रख दिया है। हालांकि यह कई बाजारों में उपलब्ध नहीं है, यह उन चीजों में से एक है जिसको हर इंटरनेट यूजर देखने के लिए उत्सुक है। ना केवल गूगल फाइबर बेहद सस्ता है, बल्कि कई उपयोगकर्ताओं के लिए यह बिल्कुल मुफ्त है।
जो लोग गूगल फाइबर के बारे में जानते हैं उन्होंने पता होगा कि गूगल के पास 5 एमबीपीएस का मुफ्त इंटरनेट प्लान था। लेकिन अब गूगल फाइबर की योजना बदल चुकी है। कैनसस सिटी (पहला गूगल फाइबर बाजार) में नए ग्राहकों को अब इस विशेषाधिकार का कोई लाभ नहीं मिलेगा। ग्राहकों को अब दो मुख्य योजनाओं में उलझाया गया है। नए प्लान में उपयोगकर्ताओं को अब 1Gbps के लिए 70 डॉलर (लगभग 4645 रुपये) या 100 एमबीपीएस के लिए 50 डॉलर (लगभग 3,320 रुपये) खर्च करने होंगे।
re/code के मुताबिक, एक प्रतिनिधि ने इस बात की पुष्टि की है कि कैनसस सिटी में मूल्य निर्धारण मॉडल में कुछ बदलाव किए गए हैं। मुफ्त इंटरनेट योजना खत्म हो चुकी है इसकी जानकारी वेबसाइट पर सूचीबद्ध है, हालांकि कंपनी का कहना है कि मौजूदा समझौतों का सम्मान करने के लिए जारी रहेगा। इस कदम के पीछे क्या वजहों हैं इस पर गूगल ने कोई स्पष्ट बात नहीं की है।
क्या है गूगल फाइबर

गूगल फाइबर कंपनी की एक योजना है जिसमें कम आय वाले ग्राहकों के लिए मुफ्त इंटरनेट उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। इस सर्विस में डाउनलोड और अपलोड दोनों की इंटरनेट कनेक्शन की स्पीड एक गीगाबिट प्रति सेकेंड होगी।
खबरों में यह भी संकेत मिलता है कि गूगल फाइबर बहुत जल्द ही भारत में लॉन्च किया जा सकता है। सर्च इंजन कंपनी ब्रॉडबैंड सेवा को लॉन्च करने के लिए आईटी मंत्रालय के साथ बातचीत कर रही है जो डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के रूप में ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग करती है।
आईटी मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "हम डिजिटल इंडिया की योजना को आगे बढ़ाने में गूगल जैसी कंपनी के साथ के लिए उत्सुक हैं। तौर-तरीकों पर काम किया जाना है"