एयरपॉड्स 5: एएनसी से लाइव ट्रांसलेशन तक, इन पांच अपग्रेड्स ने नए एयरपॉड्स को बनाया खास; जानें स्पेसिफिकेशंस
एपल ने अपने ईयरबड्स की नई जनरेशन एयरपॉड्स 5 को भी बाजार में उतार दिया है। ओपन-ईयर डिजाइन के साथ आने वाले इन ईयरबड्स में कंपनी ने इस बार दमदार एक्टिव नॉइज कैंसलेशन (ANC), बेहतर साउंड क्वालिटी और एडवांस्ड टच कंट्रोल्स जैसे फीचर्स दिए हैं। आखिर नए एयरपॉड्स 5 में क्या-क्या खास मिला है और ये पिछले मॉडल से कितने अलग हैं? आइए, इनके बड़े फीचर्स के बारे में विस्तार से जानते हैं।

विस्तार
एपल ने अपनी ऑडियो लाइनअप को अपग्रेड करते हुए एयरपॉड्स 5 को लॉन्च कर दिया है। नॉन-प्रो कैटेगरी वाले इन ईयरबड्स में कंपनी ने कम कीमत में प्रो-लेवल फीचर्स देने की कोशिश की है। ये नए ईयरबड्स अपने खास ओपन-ईयर डिजाइन, बेहतर साउंड आर्किटेक्चर और एपल इंटेलिजेंस फीचर्स के साथ आते हैं। एपल का दावा है कि यह पिछली पीढ़ी के एयरपॉड्स 4 विद एएनसी की तुलना में 50 फीसदी तक ज्यादा बाहरी शोर कम कर सकता है। नए एयरपॉड्स में बेहतर साउंड, एडैप्टिव आईक्यू, पर्सनलाइज्ड स्पैटियल ऑडियो के साथ सिरी एआई और लाइव ट्रांसलेशन जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं।
आइए जानते हैं एयरपॉड्स 5 में कौन-कौन से नए और खास फीचर्स दिए गए हैं।

1. ओपन-ईयर डिजाइन के साथ ANC
एयरपॉड्स 5 की सबसे बड़ी खासियत इसका एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन है। खास बात यह है कि एपल ने इसे ओपन-ईयर डिजाइन में दिया है, यानी कानों को पूरी तरह सील करने वाले सिलिकॉन ईयर टिप्स यहां नहीं मिलते।
एपल के अनुसार, एयरपॉड्स 5 का एएनसी एयरपॉड्स 4 विद एएनसी की तुलना में 50 फीसदी तक ज्यादा बाहरी शोर कम करता है। कंपनी इसे ओपन-ईयर डिजाइन में इंडस्ट्री का सबसे बेहतर एएनसी बताती है।
इसके साथ ट्रांसपेरेंसी मोड भी दिया गया है, जो आसपास की आवाजों और लोगों की आवाज को ज्यादा स्वाभाविक तरीके से सुनने में मदद करता है। वहीं एडैप्टिव ऑडियो जरूरत के हिसाब से एएनसी और ट्रांसपेरेंसी मोड के बीच अपने आप संतुलन बनाता है।

2. बेहतर साउंड के लिए नया अकॉस्टिक आर्किटेक्चर
एयरपॉड्स 5 में एपल ने नई मल्टीपोर्ट अकॉस्टिक आर्किटेक्चर और नेक्स्ट जेनरेशन एडॉप्टिव ईक्यू का इस्तेमाल किया है। कंपनी के मुताबिक, इसका मकसद ज्यादा रिच और डिटेल्ड साउंड देना है। नया डिजाइन अलग-अलग आकार के कानों के साथ बेहतर तरीके से काम करने के लिए तैयार किया गया है। इससे पर्सनलाइज्ड स्पेशल ऑडियो का अनुभव भी ज्यादा इमर्सिव हो सकता है। यानी म्यूजिक सुनने के साथ-साथ फिल्में और वीडियो देखते समय भी ज्यादा बेहतर ऑडियो अनुभव मिलने की उम्मीद है।