फेसबुक ने ठंडे बस्ते में डाली क्रिप्टोकरेंसी Libra की लॉन्चिंग, यह है मामला

फेसबुक ने सोमवार को अपनी क्रिप्टोकरेंसी लिब्रा की लॉन्चिंग को लेकर कहा है कि नियामक की संतुष्टि के बिना लिब्रा को लॉन्च नहीं किया जाएगा। फेसबुक ने अपने एक बयान में कहा कि रेगुलेटर्स (नियामक) को लिब्रा से जुड़े सभी सवालों के जवाब नहीं दिए जाते, तब तक लिब्रा क्रिप्टोकरेंसी को लॉन्चिंग नहीं होगी। बता दें कि अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने लिब्रा को लेकर अवैध गतिविधियों के होने की चिंता जाहिर की है।
फेसबुक के ब्लॉकचेन को देखने वाले डेविड मार्कस जल्द ही इस संबंध में अमेरिकी कांग्रेस को इस संबंध में लिखित बयान देने वाले हैं कि लिब्रा पारंपरिक करेंसी नहीं है और यह मौद्रिक नीति में इसका कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। मार्कस ने कहा कि लिब्रा एसोसिएशन लिब्रा को ही मैनेज करेगा और इसका इरादा किसी अन्य करेंसी के साथ प्रतिस्पर्धा करने की नहीं है।
मार्कस ने बताया कि लिब्रा एसोसिएशन ने बैंक सिक्योरिटी एक्ट के तहत ट्रेजरी विभाग के वित्तीय अपराध प्रवर्तन नेटवर्क (FinCEN) के साथ कारोबार के रूप में पंजीकरण करने की योजना बनाई और पूरी तरह से एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग का अनुपालन करने का वादा भी किया है। वहीं मानुचीन ने पत्रकारों से कहा कि लिब्रा क्रिप्टोकरेंसी में मनी लॉन्ड्रिंग की संभावना है। ऐसे में इसके लिए कड़े नियम बनाने होंगे। बता दें कि मानुचीन वरिष्ठ अमेरिकी नियामक हैं।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी लिब्रा का समर्थन नहीं किया है। ट्रंप ने इस करेंसी को आधारहीन और अविश्वसनीय बताया है। इसके साथ ही व्यापक क्रिप्टोकरेंसी समुदाय ने भी इस पर संशय जताया है।