भारत में फेसबुक की क्रिप्टोकरेंसी Libra को नहीं मिलेगी सरकार की हरी झंडी!

फेसबुक ने पिछले महीने ही लिब्रा (Libra) नाम से अपनी क्रिप्टोकरेंसी लॉन्च की है, लेकिन भारतीय बाजार के लिए लिब्रा की राह मुश्किल होती नजर आ रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट को मानें तो भारत सरकार फेसबुक की क्रिप्टोकरेंसी लिब्रा को भारत में लॉन्चिंग को हरी झंडी देने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में फेसबुक के लिए यह बड़ा झटका होगा, क्योंकि भारत एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
पिछले साल अप्रैल में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भारत में सभी प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं पिछले महीने ही क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध और आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक, 2019 (Banning of Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2019) के ड्राफ्ट में यह प्रस्ताव दिया गया है कि देश में क्रिप्टोकरेंसी की खरीद-बिक्री करने वालों को 10 साल की जेल की सजा मिलेगी। ड्राफ्ट के मुताबिक इसकी जद में क्रिप्टोकरेंसी तैयार करने वाले, बेचने वाले, रखने वाले और किसी भी तरह से डील करने वाले ऐसे सभी लोग आएंगे। इन सभी मामलों में दोषी पाए जाने पर 10 साल की जेल होगी।
भारत के आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग ने ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में कहा है कि फेसबुक की इस डिजिटल करेंसी को पूरी तरह से समझाया नहीं गया है, लेकिन यह जो भी है, यह एक निजी क्रिप्टोकरेंसी होगी। हालांकि फेसबुक ने इस मामले पर अभी कोई बयान नहीं दिया है।
बता दें कि फेसबुक ने पिछले महीने ही डिजिटल क्वाइन लॉन्च किया है, जिसे लिब्रा एसोसियशन और कैलिब्रा वॉलेट द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। फेसबुक ने अपनी क्रिप्टोकरेंसी लिब्रा के लिए 27 कंपनियों से साझेदारी की है जिनमें पेपल, वीजा ऊबर जैसी कंपनियों के नाम हैं।