DoT: टेलीकॉम कंपनियों को सरकार ने लगाई फटकार, कहा- क्यों नहीं लागू हो रहा कॉल आईडी सिस्टम?
CNAP फीचर के लिए मॉडर्न नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है, इसलिए शुरुआत में यह सुविधा केवल 4G और 5G स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए ही उपलब्ध होगी। बताया जा रहा है कि Airtel और Vi इस तकनीक के लिए Nokia के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जबकि Jio ने अपनी खुद की CNAP तकनीक विकसित कर ली है।

विस्तार
डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (DoT) ने भारत के तीन बड़े टेलीकॉम ऑपरेटरों को निर्देश दिया है कि वे कॉलर नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) फीचर के लिए चल रहे इंटर-ऑपरेटर ट्रायल्स को जल्द पूरा करें और 18 अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट सौंपें। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह निर्देश दिया गया है ताकि इस फीचर को आगे बढ़ाया जा सके।
CNAP फीचर के लिए मॉडर्न नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है, इसलिए शुरुआत में यह सुविधा केवल 4G और 5G स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए ही उपलब्ध होगी। बताया जा रहा है कि Airtel और Vi इस तकनीक के लिए Nokia के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जबकि Jio ने अपनी खुद की CNAP तकनीक विकसित कर ली है।
रिपोर्ट के मुताबिक, Vi अभी तक इंटर-ऑपरेटर ट्रायल्स शुरू नहीं कर सका है, जबकि Airtel और Jio ने अपनी टेस्टिंग लगभग पूरी कर ली है। खास बात ये है कि Jio केवल 4G और 5G सेवाएं देता है, इसलिए उसके यूजर्स के लिए CNAP फीचर का रोलआउट सबसे आसान और तेज माना जा रहा है।