अमर उजाला
Tue, 15 April 2025
अप्रैल महीने से ही गर्मी से राहत मिलने की संभावना दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है लेकिन ठंडा रहने के लिए तमाम जुगाड़ कर रहे हैं।
कूलर के कूलिंग पैड को लेकर हमेशा बहस होती है कि हनीकॉम्ब वाला अच्छा होता है या घास वाला।
हनीकॉम्ब देखने में मधुमक्खी के छत्ते जैसा है। इसमें बड़े छेद होने के कारण हवा तो कूलर तेजी से देता है लेकिन हवा उतनी ठंडी नहीं होती।
साधारण गर्मी में तो हनीकॉम्ब वाला कूलर अच्छा है लेकिन भीषण गर्मी में यह गर्म हवा देने लगता है।
लकड़ी की घास वाले कूलिंग पैड वाला कूलर हवा तो थोड़ी कम देता है लेकिन वह हवा काफी ठंडी होती है।
घास वाले कूलर कमरे को तेजी से ठंडा करते हैं, क्योंकि इसमें पानी का फ्लो आराम से और अच्छे से होता है।
हनीकॉम्ब का फायदा यह है कि यह सालों-साल चलता है, जबकि लकड़ी के छिलके वाली घास जल्दी गंदा हो जाती है। इसे दो-तीन महीने में बदलना पड़ता है। दोनों की कीमत में भी काफी फर्क है।
हनीकॉम्ब की कीमत 700 रुपये से 1400 रुपये के बीच होती है, जबकि लकड़ी वाली घास आपको सिर्फ 50-100 रुपये के बीच मिल जाएगी।
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