Idea-Vodafone के विलय से खतरे में 25,000 नौकरियां !

देश के दो बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर वोडाफोन और आइडिया के बीच विलय की अधिकारिक घोषणा कर दी गई है। आइडिया ने एक बयान में इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि उसका विलय वोडाफोन में होने जा रहा है। अगले 18 महीनों में विलय की प्रकिया पूरी कर ली जाएगी। इस विलय के बाद संयुक्त रूप से दोनों कंपनियों के ग्राहकों की संख्या 38 करोड़ होगी।
इस विलय के बाद भारत के टेलीकॉम बाजार में इस कंपनी की 35 फीसदी हिस्सेदारी हो जाएगी। कंपनी के रेवेन्यू की बात करें तो मर्जर के बाद कंपनी का रेवेन्यू करीब 80,000 करोड़ से भी ज्यादा का होगा जो भारत की टेलीकॉम इंडस्ट्री के कुल रेवेन्यू का 43 फीसदी होगा और अब तक आवंटित कुल स्पेक्ट्रम का 25 फीसदी हिस्सा इसी कंपनी के पास होगा।
आमतौर पर जब भी किसी दो कंपनियों को विलय होता है तो इसका नुकसान कंपनी के कर्मचारियों को होता है, क्योंकि विलय के बाद बड़े पैमाने पर छंटनी होती है। यही हाल वोडाफोन और आइडिया में काम करने वाले कर्मचारियों की होने वाली है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टेलीकॉम सेक्टर में 3 लाख लोग काम कर रहे हैं लेकिन इस विलय के बाद करीब 25,000 लोगों की नौकरी खतरे में है।