Tech: कॉलेज की डिग्रियों पर लगेगा QR कोड, स्कैन होते ही खुलेगा कच्चा-चिट्ठा, जानिए क्या है तैयारी

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Thu, 01 Jan 2026 12:05 PM IST
सार

Degree Verification Through QR Code:

फर्जी डिग्री देकर सरकारी और प्राइवेट नौकरी लेने वालों की अब खैर नहीं है। फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जाएगा। अब यूनिवर्सिटी से मिलने वाली हर डिग्री और मार्कशीट पर QR कोड अनिवार्य होगा, जिससे भर्ती बोर्ड एक क्लिक पर अभ्यर्थी का असली रिकॉर्ड देख सकेंगे। जानिए पूरी खबर...

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QR कोड से होगा वेरिफिकेशन - फोटो : AI जनरेटेड

    विस्तार

    अगर कोई फर्जी डिग्री बनवाकर सरकारी कुर्सी हासिल करने का सपना देख रहा है, तो अब उसका पकड़ा जाना लगभग तय है। नकली डिग्री से नौकरियों में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए राजस्थान सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य की सभी सरकारी और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज को अपनी डिग्री, डिप्लोमा, मार्कशीट और यहां तक कि माइग्रेशन सर्टिफिकेट पर भी अनिवार्य रूप से QR कोड छापना होगा। इस कदम से बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी और फर्जी डिग्रियों पर रोक लगाना मुमकिन हो पाएगा।

    अक्सर देखा गया है कि भर्ती के दौरान कई गिरोह जाली दस्तावेजों के सहारे नौकरियों में सेंध लगाते हैं और उनकी जांच करने में विभाग के महीनों बर्बाद हो जाते हैं। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के सुझाव पर अमल करते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने यह नया आदेश जारी किया है।

    कैसे काम करेगा यह सर्टिफिकेट पर QR कोड?

    इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद किसी भी दस्तावेज की प्रमाणिकता को चंद सेकंड में परखा जा सकेगा। भर्ती संस्थान के अधिकारी जैसे ही किसी अभ्यर्थी के सर्टिफिकेट पर छपे QR कोड को स्कैन करेंगे, उनके सामने सीधे संबंधित यूनिवर्सिटी के ओरिजिनल डेटाबेस से जुड़ा अभ्यर्थी का पूरा रिकॉर्ड खुल जाएगा।

    फर्जी सर्टिफिकेट पर लगेगी लगाम

    इससे न केवल यह पता चलेगा कि सर्टिफिकेट असली है या नहीं, बल्कि अंकों या तारीखों में की गई किसी भी प्रकार की हेराफेरी को भी तुरंत पकड़ा जा सकेगा। यह डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम भर्ती संस्थानों और अभ्यर्थियों, दोनों के लिए समय बचाने वाला और पारदर्शी साबित होने वाला है। नई व्यवस्था के तहत जब दस्तावेज डिजिटली वेरिफाइड होंगे, तो ऐसी जालसाजी करना नामुमकिन हो जाएगा। इससे भर्ती परीक्षाओं की गरिमा बनी रहेगी और सरकारी विभागों में नियुक्तियों की प्रक्रिया भी तेज होगी।

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