महामारी पर वार: वैक्सीन 100 करोड़ डोज पूरे, CoWIN ने निभाई अहम भूमिका

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Thu, 21 Oct 2021 01:41 PM IST
सार

कोविन पोर्टल के चीफ और सीईओ डॉ आरएस शर्मा ने 100 करोड़ डोज पूरे होने पर कहा है कि वैक्सीनेशन के इस महाअभियान में CoWIN पोर्टल ने अहम भूमिका निभाई है।

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CoWIN has played an crucial role in achieving 100 crore vaccinations
COWIN - फोटो : COWIN

    विस्तार

    भारत ने कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत ने वैक्सीनेशन के 100 करोड़ डोज पूरे कर लिए हैं और इसी के साथ चीन के बाद वैक्सीन के 100 करोड़ डोज लगाने वाला दूसरा देश बन गया है। इस उपलब्धि पर महामारी विशेषज्ञ डॉ. लहारिया ने कहा है कि करीब 30 करोड़ वयस्कों को पूरी तरह टीका लग चुका है, जबकि 70 करोड़ वयस्कों को पहला डोज लगा है। 100 करोड़ डोज का यह आंकड़ा उत्साह बढ़ाने वाला है। यह आंकड़ा अन्य लोगों को भी वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित करेगा।

    वैक्सीनेशन में CoWIN पोर्टल की अहम भूमिका

    कोविन पोर्टल के चीफ और सीईओ डॉ आरएस शर्मा ने 100 करोड़ डोज पूरे होने पर कहा है कि वैक्सीनेशन के इस महाअभियान में CoWIN पोर्टल ने अहम भूमिका निभाई है। वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को और सुचारू बनाकर 100 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त करने में पोर्टल का अहम योगदान रहा है। शर्मा ने कहा कि दुनिया में कोई दूसरा प्लेटफॉर्म नहीं है जो इतनी तेजी से बढ़ा है।

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    क्या है Cowin पोर्टल?

    कोविन एप भारत में कोरोना टीकाकरण के लिए एक मैनेजमेंट सिस्टम है जो कि क्लाउड आधारित है। इस एप में टीकाकरण केंद्र से लेकर टीका लेने वाले लोगों की पूरी सूची रहेगी। यदि आप भी कोरोना का टीका लेना चाहते हैं तो आपको CO-WIN के जरिए अप्वाइंटमेंट लेना होगा। इसके अलावा टीका लेने वाले सभी लोगों का रजिस्ट्रेशन कोविन पोर्ट्ल पर ही होता है। इस पोर्टल पर उन सभी लोगों की लिस्ट है जिन्हें वैक्सीन का एक ही डोज लगा है। कोविन पोर्ट्ल पर आप अपने वैक्सीन सर्टिफिकेट में मौजूद किसी गड़बड़ी को ऑनलाइन ठीक भी कर सकते हैं। कोविन पोर्टल के डैशबोर्ड पर आप भी वैक्सीनेशन का पूरा डाटा देख सकते हैं।

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    कोविन पोर्टल पर शुरुआत में हुई थी काफी दिक्कत

    कोविन पोर्टल पर जब 18-44 साल के लोगों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ तब पूरे देश में काफी बवाल मचा था। कोविन पोर्टल की तुलना लोग आईआरसीटीसी की वेबसाइट से करने लगे थे। कोविन पोर्टल पर शुरुआत में लोगों को रजिस्ट्रेशन के दौरान ओटीपी ना मिलने की समस्या से जूझना पड़ा था और उसके बाद लोगों को स्लॉट ही नहीं मिल रहे थे।

    फजीहत होने के बाद कोविन पोर्टल पर स्लॉट बुकिंग की समस्या से सरकार ने पल्ला झाड़ लिया था और आज उसी पोर्टल की सरकारी तारीफ कर रही है। सरकार का कहना था कि कोविन पोर्टल में कोई समस्या नहीं थी, बल्कि वैक्सीन सेंटर के खराब मैनेजमेंट की वजह से लोगों को यह समस्या हो रही थी। दरअसल कोविन पोर्टल पर खाली स्लॉट की जानकारी वैक्सीन सेंटर के अपडेशन पर निर्भर है। कोविन पोर्टल पर खाली स्लॉट की जानकारी को अपडेट करना जिला टीकाकरण अधिकारी (DIO) का काम है।

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