Cable Cutter: पूरी दुनिया का इंटरनेट गुल कर सकता है चीन, समुद्र में 4,000 मीटर अंदर जाकर तबाही मचाएगी ये मशीन
चीनी वैज्ञानिकों ने एक ऐसी मशीन विकसित कर ली है जो पूरी दुनिया का इंटरनेट एक झटके में ठप कर सकता है। चीन के हाथ एक ऐसी टेक्नोलॉजी लग गई है जिसकी मदद से वह समुद्र के नीचे बिछे इंटरनेट केबल को काट सकता है।

विस्तार
आज कई देशों के पास न्यूक्लिर और बैलिस्टिक मिसाइल्स का जखीरा मौजूद है। वैसे तो दूसरे विश्व युद्ध के बाद आज तक किसी भी लड़ाई में न्यूक्लियर बम का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन आजकल कुछ देश ऐसी टेक्नोलॉजी विकसित कर चुके हैं जिससे बिना एक-दूसरे पर गोली-बम दागे बराबर का नुकसान किया जा सकता है। इस मामले में चीन कई विकसित देशों से आगे चलता दिख रहा है। अब चीनी वैज्ञानिकों ने एक ऐसी मशीन विकसित कर ली है जो पूरी दुनिया का इंटरनेट एक झटके में ठप कर सकता है। चीन के हाथ एक ऐसी टेक्नोलॉजी लग गई है जिसकी मदद से वह समुद्र के नीचे बिछे इंटरनेट केबल को काट सकता है। ऐसा हुआ तो पूरी दुनिया का इंटरनेट बाधित हो जाएगा।
4,000 मीटर की गहराई में कर सकता है काम
चीन में इस मशीन के बनने से वैश्विक इंटरनेट और डाटा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। यह उपकरण चीन के शिप साइंटिफिक रिसर्च सेंटर (CSSRC) और उसकी स्टेट की लेबोरेटरी ऑफ डीप-सी मैनड व्हीकल्स द्वारा बनाया गया है। हालांकि, इस डिवाइस का डुअल पर्पस यूज चिंता का विषय बन गया है। असल में इस केबल कटर को खास तौर पर समुद्र तल खनन के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन अब चीन इसे समुद्र के तलहटी में बिछे इंटरनेट केबल काटने के लिए भी इस्तेमाल कर सकता है।
ये डिवाइस समुद्र के अंदर 4,000 मीटर की गहराई में जा सकता है। इस डिवाइस में रोबोटिक आर्म लगे हैं जो गहरे पानी में काम कर सकते हैं। चीन इस डिवाइस से पानी में बिछी स्टील-रेनफोर्ड केबल्स को भी आसानी से काट सकता है। इन केबल्स के कटने से दुनिया का 95% इंटरनेट और डेटा ट्रांसमिशन ठप पड़ जाएगा।
ताकतवर है ये डिवाइस
दरअसल, इस डिवाइस को समुद्री जहाज में माउंट किया गया है। इस डिवाइस में एक डायमंड-कोटेड ग्राइंडिंग व्हील लगाया गया है, जो 1600 RPM की गति से घूमता है और स्टील के केबल्स को काटने के लिए पर्याप्त फोर्स उत्पन्न करता है। इतना ही नहीं, यह डिवाइस समुद्र के गहरे पानी में 400 एटीएम तक के दबाव में भी काम कर सकता है।
इन देशों पर बन सकता है कहर
जानकारों का मानना है कि चीन इस डिवाइस का इस्तेमाल ताइवान पर हमला करने के लिए कर सकता है। अगर युद्ध जैसी स्थिती उतपन्न होती है तो चीन इस डिवाइस की मदद से ताइवान के नजदीक समुद्र के भीतर इंटरनेट केबल काट सकता है जिससे ताइवान का संचार दुनियाभर से तो कट ही जाएगा साथ ही देश के भीतर भी अफरातफरी मच जाएगी। इसके अलावा, अमेरिकी सैन्य ठिकाने और एयरबेस के पास वाले इलाकों में भी चीन इस डिवाइस का इस्तेमाल कर सकता है।