Manus AI: डीपसीक के बाद चीन का एक और धमाका! तैयार किया सुपर इंटेलिजेंट AI एजेंट, खुद ही सोचेगा और काम करेगा!

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Tue, 25 Mar 2025 08:25 PM IST
सार

DeepSeek की सफलता के बाद चीनी इन्वेस्टर्स ऐसी कंपनियों को तलाशने में जुट गए हैं, जो ग्लोबल टेक्नोलॉजी ऑर्डर को हिला सकती हैं।

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Chinese ai startup manus ai launched can work in autonomous way uses agi technology
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस - फोटो : फ्रीपिक

    विस्तार

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में चीन एक के बाद एक नई सफलताएं हासिल कर रहा है। पहले DeepSeek ने ग्लोबल AI इंडस्ट्री को चौंका दिया था, और अब Manus नाम का एक नया चीनी AI स्टार्टअप सुर्खियों में है। इस स्टार्टअप की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि कंपनी का दावा है कि उन्होंने दुनिया का पहला जनरल AI एजेंट विकसित कर लिया है। यह AI सिर्फ इंसानों के दिए गए कमांड्स को फॉलो नहीं करेगा, बल्कि खुद से सोचकर निर्णय ले सकेगा और ऑटोनॉमस तरीके से काम भी कर सकेगा। इस टेक्नोलॉजी को AGI (Artificial General Intelligence) के तौर पर जाना जाता है और अगर Manus का दावा सही साबित होता है, तो यह AI की दुनिया में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

    deepseek vs chatgpt
    deepseek vs chatgpt - फोटो : अमर उजाला

    चीनी सरकार भी कर रही प्रमोट

    Manus की पॉपुलैरिटी बढ़ने का सबसे बड़ा सबूत यह है कि गुरुवार को पहली बार इसे चीनी सरकारी मीडिया में जगह दी गई। चीन सरकार अब अपने लोकल AI स्टार्टअप्स को प्रमोट कर रही है, खासकर उन कंपनियों को जिनका प्रदर्शन इंटरनेशनल लेवल पर मजबूत दिख रहा है। हाल ही में DeepSeek AI ने अपने AI चैटबॉट DeepSeek R1 से दुनिया को चौंका दिया था, जिसकी तुलना सीधे ChatGPT और Google Gemini से की जा रही थी। खास बात यह है कि जहां अमेरिकी AI कंपनियों को अपने मॉडल्स को विकसित करने के लिए अरबों डॉलर खर्च करने पड़े, वहीं DeepSeek ने महज कुछ लाख डॉलर और दो महीने के भीतर एक दमदार AI मॉडल बना दिया।

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    Artificial Intelligence(AI), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई)
    Artificial Intelligence(AI), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) - फोटो : Freepik

    जल्द मिलेगा AI एजेंट Monica

    DeepSeek की सफलता के बाद चीनी इन्वेस्टर्स ऐसी कंपनियों को तलाशने में जुट गए हैं, जो ग्लोबल टेक्नोलॉजी ऑर्डर को हिला सकती हैं। इसी क्रम में बीजिंग की म्युनिसिपल गवर्नमेंट ने Manus के AI असिस्टेंट "Monica" के चीनी वर्जन को लेकर ऐलान किया है। चीनी AI स्टार्टअप्स को कई सरकारी नियमों का पालन करना होता है, ताकि उनके मॉडल्स से कोई संवेदनशील या देश विरोधी कंटेंट जनरेट न हो। Manus ने यह सभी सरकारी आवश्यकताएं पूरी कर ली हैं, जिससे इसे बाजार में लॉन्च करने की इजाजत मिल गई है।

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    फिलहाल इन्वाइट कोड से ही मिलेगा एक्सेस

    Manus ने हाल ही में Alibaba के Qwen AI मॉडल बनाने वाली टीम के साथ भी साझेदारी की है, जिससे इसका AI सिस्टम और ज्यादा मजबूत हो सकता है। हालांकि, अभी यह AI एजेंट सिर्फ इन्वाइट कोड के जरिए ही एक्सेस किया जा सकता है और इसका इस्तेमाल करने के लिए 20 लाख से ज्यादा लोग वेटिंग लिस्ट में हैं। अगर आप इसे आजमाना चाहते हैं, तो आपको लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। अमेरिका और चीन इस समय AI टेक्नोलॉजी में तेज़ी से निवेश कर रहे हैं, और आने वाले समय में यह प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प हो सकती है।

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