Invention: हवा में पतंग उड़ाकर बिजली बना रहा चीन, आसमान में लटका दिया पॉवरप्लांट, दुनिया रह गई दंग
High Altitude Wind Energy Kite:
चीन ने हाई-एल्टीट्यूड विंड एनर्जी टेक्नोलॉजी में नई छलांग लगाते हुए दुनिया को चौंका दिया है। यह एक पतंग है जो हवा में तैरकर बिजली पैदा करती है। इसे भविष्य की सस्ती व टिकाऊ ऊर्जा का बड़ा विकल्प माना जा रहा है।

विस्तार
चीन लगातार अपनी तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति से दुनिया को चौंकाता रहा है। अब देश ने हाई-एल्टीट्यूड विंड एनर्जी तकनीक में एक ऐसी छलांग लगाई है, जिसने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। चीन ने दुनिया की सबसे बड़ी 5,000 वर्ग मीटर की पतंग को हवा में उड़ाकर बिजली उत्पादन का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण इनर मंगोलिया के अल्क्सा लेफ्ट बैनर क्षेत्र में पूरा हुआ और इसे नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
बिजली बनाने वाली पतंग का सफल टेस्टिंग
यह हाई-टेक सिस्टम चाइना एनर्जी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित किया गया है। टेस्ट के दौरान पतंग हवा में पूरी तरह फैलकर उड़ी और मिशन पूरा कर सुरक्षित तरीके से वापस जमीन पर आ गई। यह उपलब्धि एयरबोर्न विंड एनर्जी सिस्टम को व्यावसायिक स्तर पर उपयोग में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक भविष्य में दूरदराज के इलाकों को कम लागत पर बिजली उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
कैसे काम करती है बिजली बनाने वाली पतंग
टेस्ट के दौरान एक बड़े हीलियम भरे गुब्बारे की मदद से पतंग को लगभग 300 मीटर की ऊंचाई तक उठाया गया। हवा में पहुंचते ही पतंग खुल गई और जमीन पर मौजूद जनरेटर से जुड़ी ट्रैक्शन केबलों को खींचना शुरू कर दिया। यह खिंचाव हवा की शक्ति को सीधे बिजली में बदल देता है। इस पूरे सिस्टम में तीन प्रमुख हिस्से-पतंग, ट्रैक्शन केबलें और ग्राउंड जनरेटर शामिल होते हैं, जो तेज ऊंचाई वाली हवाओं से अधिकतम ऊर्जा निकालने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
सामान्य जमीन-स्तर की हवा की तुलना में ऊंचाई पर हवा अधिक तेज, स्थिर और ऊर्जा घनत्व वाली होती है। इसी कारण हाई-एल्टीट्यूड विंड सिस्टम पारंपरिक पवन चक्कियों की तुलना में बेहतर और लगातार बिजली उत्पादन करते हैं।
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एक पतंग से 10,000 घरों में मिलेगी सप्लाई
रिपोर्ट्स के अनुसार, पतंग आधारित यह सिस्टम पारंपरिक विंड फार्म की तुलना में 95% कम जमीन घेरता है। निर्माण में स्टील की जरूरत 90% तक कम हो जाती है, जिससे कुल लागत काफी घट जाती है। कंपनी के मुताबिक, 10 मेगावाट की पतंग प्रणाली हर साल लगभग 20 मिलियन किलोवाट-घंटे बिजली पैदा कर सकती है, जो लगभग 10,000 घरों की वार्षिक बिजली जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त है।