Parasocial: क्या आप भी एआई के साथ 'पैरासोशल' रिलेशनशिप में तो नहीं? जानिए क्या है इस नए शब्द का मतलब
Parasocial Relationship With AI:
कैम्ब्रिज डिक्शनरी ने हाल ही में 'पैरासोशल' शब्द को ‘वर्ड ऑफ द ईयर’ घोषित किया है। आज के युग में जब लोग सलाह, बातचीत और भावनात्मक जुड़ाव के लिए AI पर निर्भर होने लगे हैं। ऐसे में यह शब्द इंसानों के बदलते व्यवहार को कैसे परिभाषित करता है? आइए जानते हैं।

विस्तार
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडिया काफी वायरल हो रहा था। इसमें कुछ युवा यह स्वीकार करते दिख रहे थे कि वे सलाह या बात करने के लिए अब दोस्तों पर नहीं, बल्कि ChatGPT जैसे AI चैटबॉट्स पर निर्भर हो गए हैं। कुछ ने तो यह भी कहा कि AI उनके बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड जैसा हो गया है जिससे वे दिनभर बातचीत करते हैं और सुख-दुख भी साझा करते हैं। कई रिसर्च में सामने आया है कि एआई युवाओं की भावनाओं को दोस्तों या परिवार के किसी सदस्य से बेहतर तरीके से समझता है, और केवल समस्या को सुनना ही नहीं बल्कि उससे बाहर निकलने का रास्ता भी दिखाता है। इस व्यवहार को समझाने के लिए 'पैरासोशल’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता है।
कैम्ब्रिज डिक्शनरी ने चुना साल 2025 का ‘वर्ड ऑफ द ईयर’
कैम्ब्रिज डिक्शनरी ने मंगलवार, 18 नवंबर को 'पैरासोशल' को 2025 का वर्ड ऑफ द ईयर चुनने का एलान किया। यह शब्द पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया, AI और डिजिटल जीवनशैली के चलते जीवन में हुए तेज बदलावों को सही मायने में दर्शाता है।
पैरासोशल: एकतरफा भावनात्मक रिश्ता
जब कोई व्यक्ति किसी सेलिब्रिटी, इन्फ्लुएंसर या AI चैटबॉट से एकतरफा भावनात्मक रिश्ता बना लेता है, तो उसे ‘पैरासोशल रिलेशनशिप’ कहा जाता है। इस रिश्ते में व्यक्ति जुड़ाव महसूस करता है, लेकिन सामने वाला चाहे वह इंसान हो या मशीन, इससे अनजान ही रहता है।
कैम्ब्रिज डिक्शनरी ने एक्स (X) पर एक वीडियो में बताया कि लोग पॉलिटिशियन, खिलाड़ी या किसी सेलिब्रिटी से भावनात्मक रिश्ता जोड़ लेते हैं। ऐसे में लोग उनके सुख-दुख को अपना सुख-दुख मानने लगते हैं और कोई बड़ी दुर्घटना होने पर गुस्सा या निराशा भी प्रकट करते हैं। हालांकि, उस हस्ती को आपके बारे में कुछ भी पता नहीं होता, इसलिए ये सभी भावनाएं एकतरफा ही होती हैं। ऐसे ज्यादातर उदाहरण पॉप कल्चर में देखने को मिलते हैं।

AI के साथ बन रहा पैरासोशल रिश्ता
लोगों का ऐसा ही रुझान अब AI चैटबॉट्स के साथ दिख रहा है। बहुत से लोग ChatGPT को दोस्त, साथी या पार्टनर की तरह देख रहे हैं। कई मामलों में यह रिश्ता गहराई तक भावनात्मक हो जाता है। कुछ लोग इस जुड़ाव से खुश हैं, जबकि कई अनुभव ऐसे भी सामने आए हैं जहां पैरासोशल रिश्ता तनाव, निराशा या भावनात्मक भ्रम का कारण बना।
कैम्ब्रिज डिक्शनरी के कॉलिन मैकइंटोश बताते हैं कि “पैरासोशल 2025 के सामाजिक माहौल, लोगों की सोच और ट्रेंड्स को सटीक रूप से दर्शाता है। एक समय यह शब्द सिर्फ कुछ शोधकर्ताओं तक सीमित था, लेकिन अब यह आम चर्चा का हिस्सा बन चुका है।”
वे यह भी कहते हैं कि आज लाखों लोग किसी न किसी रूप में पैरासोशल रिश्तों में हैं, चाहे वह सेलिब्रिटीज से हो, इन्फ्लूएंसर्स से या फिर AI से। यही वजह है कि इस शब्द की ऑनलाइन सर्च हाल के महीनों में तेजी से बढ़ी है।
1956 में जन्मा था यह शब्द
1956 में यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के दो समाजशास्त्रियों ने देखा कि टीवी देखने वाले लोग टीवी पर आने वाले कलाकारों को अपना करीबी दोस्त या परिवार का सदस्य मानने लगते थे। इस एकतरफा भावनात्मक जुड़ाव को ही उन्होंने पैरासोशल रिलेशनशिप नाम दिया। आज यह अवधारणा डिजिटल रूप लेकर AI, यूट्यूबर्स, इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया पर्सनैलिटीज में और भी गहराई तक फैल चुकी है।