स्पेस राइस: चीन ने अंतरिक्ष में तैयार किए धान के बीज, सोशल मीडिया ने कहा- स्वर्ग का चावल

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, बीजिंगप्रदीप पाण्डेय
Wed, 14 Jul 2021 10:19 AM IST
सार

चीन 1987 से चावल और अन्य फसलों के बीज को अंतरिक्ष में ले जा रहा है। इसकी पैदावर सामान्य धान के मुकाबले अधिक होती है, हालांकि इसका फिलहाल कोई सटीक आंकड़ा मौजूद नहीं है।

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China harvests first batch of seeds from moon all you need to know about Space rice
space rice - फोटो : news.cgtn.com

    विस्तार

    कारनामे करने के लिए चीन पूरी दुनिया में जाना जाता है। चीन ने खुद का सूर्य बनाकर दुनिया को चौंका ही दिया था कि अब उसने अंतरिक्ष में धान पैदा कर लिया है। चीन ने अंतरिक्ष में उगाए गए धान को स्पेस राइस नाम दिया और इसकी पहली फसल भी (बीज के रूप में) कट चुकी है। चीन ने स्पेस राइस के बीज को पिछले साल नंबर में अपने चंद्रयान के साथ अंतरिक्ष में भेजा था। अंतरिक्ष यान के जरिए 40 ग्राम वजन वाले करीब 1,500 धान के बीज धरती पर आए हैं। सभी बीज को दक्षिण चीन कृषि विश्वविद्यालय परिसर के खेत में बोया गया है।

    ब्रह्मांडीय विकिरण और शून्य गुरुत्वाकर्षण के संपर्क में रहने के बाद इन बीज को वापस धरती पर लाया गया है। इनका वजन करीब 40 ग्राम है। स्पेस राइस की पहली फसल को ग्वांगडोंग के दक्षिण चीन कृषि विश्वविद्यालय के अंतरिक्ष प्रजनन अनुसंधान केंद्र में काटा गया है। स्पेस राइस के बीज की लंबाई अब करीब 1 सेंटीमीटर हो गई है। अनुसंधान केंद्र के उप निदेशक गुओ ताओ ने कहा है कि सबसे अच्छे बीज प्रयोगशालाओं में पैदा किए जाएंगे और फिर खेतों में लगाए जाएंगे।

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    क्या होता है स्पेस राइस?

    space rice
    space rice - फोटो : zmescience

    अंतरिक्ष के वातावरण में कुछ समय तक रहने के बाद इन बीज में कई तरह के परिवर्तन होते हैं। अंतरिक्ष से वापस लाकर धरती पर बोने से अधिक पैदावार होती है। केवल धान ही नहीं, अन्य फसलों के साथ भी इस तरह के प्रयोग होते हैं। चीन 1987 से चावल और अन्य फसलों के बीज को अंतरिक्ष में ले जा रहा है। इसकी पैदावर सामान्य धान के मुकाबले अधिक होती है, हालांकि इसका फिलहाल कोई सटीक आंकड़ा मौजूद नहीं है।

    ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक चीन अभी तक 200 से अधिक फसलों के साथ इस तरह का प्रयोग कर चुका है जिसमें कपास से लेकर टमाटर तक शामिल हैं। चीनी मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में चीन में 2.4 मिलियन हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में हुई खेती में अंतरिक्ष से आए बीज का ही इस्तेमाल हुआ है। चाइनीज सोशल मीडिया यूजर्स इसे स्वर्ग का चावल भी कह रहे हैं। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक करीब 3-4 साल बाद ऐसे बीज को बाजार में उपलब्ध कराया जाता है।

    क्या है चीन की प्लानिंग

    दरअसल चीन चंद्रमा पर एक अनुसंधान केंद्र तैयार करना चाहता है। इसके अलावा चीन अंतरिक्ष में फसल उगाने के लिए ग्रीनहाउस का इस्तेमाल करने पर भी विचार कर रहा है। चीन ने 13 शोध संस्थानों को 17 ग्राम चांद की मिट्टी दिए हैं जिनमें चीनी विज्ञान अकादमी, चीन भूविज्ञान विश्वविद्यालय और सन यात-सेन विश्वविद्यालय शामिल हैं। इसका लक्ष्य चंद्रमा के भूविज्ञान और विकास के बारे में और अधिक समझना है।

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