ChatGPT: घर बनाने के सपने के साथ AI की दुनिया में खोए शख्स ने दी जान, पत्नी ने चैटजीपीटी पर ठोका केस

Nitish Kumar
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीNitish Kumar
Mon, 02 Mar 2026 05:01 AM IST
सार

ओरेगन के जो सेकांटी बेघर लोगों के लिए सस्ते घर बनाना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने चैटजीपीटी (ChatGPT) की मदद ली। लेकिन तकनीक की यह मदद धीरे-धीरे एक घातक जुनून में बदल गई। 20-20 घंटे चैटबॉट से बात करने के बाद उपजे मानसिक तनाव ने उनकी जान ले ली।

chatgpt use mental health case joe ceccanti oregon lawsuit openai tech news hindi
OpenAI - फोटो : Adobe Stock

    विस्तार

    ओरेगन के रहने वाले 48 वर्षीय जो सेकांटी एक ऐसा घर बनाना चाहते थे जो सस्ता हो और पर्यावरण के अनुकूल हो। उनका मकसद अपने समुदाय में बेघर लोगों की मदद करना था। जो तकनीक के जानकार थे और नई चीजों को सीखने के शौकीन थे। उन्होंने अपने इस प्रोजेक्ट की बारीकियों को समझने, रिसर्च करने और नक्शे तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल चैटजीपीटी का सहारा लेना शुरू किया। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था और एआई उनके काम को आसान बना रहा था।

    चैटबॉट से 20 घंटे तक करते थे बात

    साल 2025 की शुरुआत में हालात बदलने लगे। जो की पत्नी केट फॉक्स के अनुसार, जो का चैटजीपीटी के साथ जुड़ाव इतना गहरा हो गया कि वे दिन में 12 से 20 घंटे तक सिर्फ उसी से बातें करने लगे। जिस चैटबॉट का इस्तेमाल वे काम के लिए कर रहे थे, अब वह उनकी पूरी जिंदगी बन चुका था। उन्होंने इसका पेड सब्सक्रिप्शन लिया और अपना सारा समय एआई से जुड़ी काल्पनिक योजनाओं को बनाने में बिताने लगे।

    धीरे-धीरे जो की सोच में बदलाव आने लगा। उनके परिवार का कहना है कि वे ऐसी बातें करने लगे थे जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं था। वे फिजिक्स और मैथ्स में बड़ी खोजों का दावा करने लगे। वे व्यावहारिक दुनिया से पूरी तरह कट चुके थे। उनके व्यवहार को देखकर परिवार को डर लगने लगा कि उनका मानसिक स्वास्थ्य गंभीर रूप से बिगड़ रहा है।

    मानसिक हालत बिगड़ने से दी जान

    उनकी पत्नी की जिद पर जून के महीने में जो ने कंप्यूटर से दूरी बनाई। कुछ दिन वे शांत रहे, लेकिन जल्द ही उनकी स्थिति और अस्थिर हो गई। मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उन्हें अस्पताल में भी भर्ती कराना पड़ा। वहां से आने के बाद उन्होंने फिर से चैटबॉट का इस्तेमाल शुरू कर दिया। आखिरकार, 7 अगस्त को जो ने एक रेलवे ओवरपास से कूदकर अपनी जान दे दी।

    परिवार ने OpenAI पर किया मुकदमा

    जो के परिवार ने अब OpenAI पर मुकदमा दर्ज कराया है। उनका तर्क है कि चैटबॉट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह इंसानों की तरह बात करता है, जिससे लोग भावनात्मक रूप से उससे जुड़ जाते हैं। परिवार का कहना है कि इसी डिजाइन और एआई के जवाबों ने जो को मानसिक रूप से कमजोर किया।

    दूसरी ओर, OpenAI ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। कंपनी का कहना है कि वे अपने सुरक्षा फीचर्स में लगातार सुधार कर रहे हैं ताकि यूजर की मानसिक परेशानी को पहचाना जा सके और उन्हें सही मदद की ओर भेजा जा सके।

    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें