ChatGPT ने कानून के प्रोफेसर पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप, अमेरिका में AI की वजह से जा रहीं नौकरियां

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Tue, 11 Apr 2023 04:32 PM IST
सार

इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट बिंग चैटबॉट यूजर के प्यार में पागल हो गया था। चैटबॉट ने यूजर को प्रपोज तक कर दिया था और उससे यूजर को अपनी पत्नी को छोड़ने के लिए भी कहा था।

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ChatGPT accuses law professor of sexual assault and jobscuts due to AI in US
ChatGPT - फोटो : Istock

    विस्तार

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। ChatGPT की लॉन्चिंग के बाद से ही गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियां अपने चैटबॉट को डेवलप करने में लगी हैं। एआई टूल को लेकर अब तरह-तरह के दावे सामने आ रहे हैं। हाल ही में बिंग चैटबॉट ने एक शख्स से अपने प्यार का इजहार भी किया था। लेकिन अब दावा किया जा रहा है कि चैटजीपीटी ने कानून के प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। सिर्फ इतना ही नहीं अमेरिका और यूरोप में एआई की वजह से वकीलों की नौकरियां जा रही हैं।

    ओपनएआई के एआई-संचालित चैटबॉट चैटजीपीटी ने अमेरिकी कानून के प्रोफेसर जोनाथन टर्ली पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। चैटजीपीटी ने कानूनी विद्वानों की एक सूची तैयार की है जिन्होंने कथित तौर पर किसी को परेशान किया था। यह आरोप एक मनगढ़ंत लेख पर आधारित था जिसे सबूत के तौर पर चैटबॉट ने दिखाया था। हालांकि, लेख अब मौजूद नहीं है।

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    अपने एक ब्लॉग पोस्ट में, प्रोफेसर टर्ली ने खुलासा किया कि एक वकील ने कथित तौर पर एआई चैटबॉट से कानूनी विद्वानों की एक सूची तैयार करने के लिए कहा था, जिन्होंने एक स्टडी के रूप में यौन उत्पीड़न किया था। चैटबॉट की सूची में टर्ली का नाम शामिल था, उस पर अश्लील टिप्पणियां करने और अलास्का की एक क्लास यात्रा के दौरान एक छात्र को छूने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, प्रोफेसर का दावा है कि उसने ऐसा नहीं किया है।

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    प्रोफेसर ने ट्वीट किया, "...मुझे पता चला है कि चैटजीपीटी ने यौन उत्पीड़न के एक दावे पर झूठी सूचना दी थी जो मेरे खिलाफ कभी भी एक यात्रा पर नहीं किया गया था। यह कभी नहीं हुआ था, जबकि मैं एक संकाय में था जहां मैंने कभी पढ़ाया नहीं था। चैटजीपीटी ने यह आरोप एक पोस्ट के आधार पर लगाए हैं जो कभी नहीं लिखा गया था। और उसने एक बयान उद्धृत किया है जो अखबार द्वारा कभी नहीं छापा गया।"

    प्रोफेसर टर्ली शुरू में आरोप से चकित थे, लेकिन विचार करने पर उन्होंने अधिक खतरनाक बताया है। उन्होंने चैटजीपीटी जैसे एआई चैटबॉट्स के साथ सटीकता और विश्वसनीयता के मुद्दों पर तर्क दिया कि एआई एल्गोरिदम उन लोगों की तुलना में कम पक्षपाती और त्रुटिपूर्ण नहीं हैं जो उन्हें प्रोग्राम करते हैं। उन्होंने कहा कि चैटजीपीटी उनके बारे में झूठे दावे करने वाला एकमात्र चैटबॉट नहीं था। उनके मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट के बिंग चैटबॉट ने भी कई बार बेबुनियाद दावे किए हैं।

    ओपनएआई और यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया ने अपने शोध में दावा किया है कि अमेरिका में एआई की मदद से 10 फीसदी तक कानूनी काम किए जा रहे हैं। शोध के अनुसार, अमेरिका में एआई वकीलों को बेरोजगार कर रहा है। 80 फीसदी अमेरिकी कर्मचारियों का 10 फीसदी काम एआई की मदद से हो रहा है।

    गोल्डमैन सैश के अर्थशास्त्रियों का कहना है कि जल्द ही महंगे वकीलों के स्थान पर एआई का उपयोग किया जाएगा और उनकी जगह सस्ते सॉफ्टवेयर की मदद ली जाएगी। उनका कहना है कि लगभग 40 फीसदी कानूनी काम एआई की मदद से लिए जाएंगे। अमेरिकी ब्यूरो ऑफ लेबर का कहना है कि एआई की वजह से 2031 तक अमेरिका में 8.80 लाख नौकरियां कम हो जाएंगी।

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