BSNL का मास्टरस्ट्रोक: बिछेगा 60 हजार नए टावरों का जाल, कस्टमर्स के लिए लॉन्च होगी 'ट्रूकॉलर' जैसी सर्विस

Nitish Kumar
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीNitish Kumar
Fri, 27 Mar 2026 03:26 PM IST
सार

सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL अब नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कंपनी 60,000 नए मोबाइल टावर लगाने जा रही है। मुनाफे में रिकॉर्ड बढ़ोतरी और जल्द शुरू होने वाली 5G सेवा के साथ BSNL निजी कंपनियों को कड़ी टक्कर देने वाली है।

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बीएसएनएल - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संसद जानकारी दी कि BSNL अपने नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने के लिए 50,000 से 60,000 नए मोबाइल टावर लगाने की योजना बना रही है। वर्तमान में लगभग 1 लाख टावर पहले से ही काम कर रहे हैं जो स्वदेशी तकनीक पर 4G सिग्नल दे रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि BSNL का मौजूदा ढांचा स्वदेशी 4G स्टैक पर आधारित है, इसलिए इसे 5G में अपग्रेड करना बहुत आसान होगा। इसके लिए बस कोर नेटवर्क सॉफ्टवेयर में कुछ अपडेट और अतिरिक्त साइट्स की जरूरत होगी।

    18 साल बाद मुनाफे की वापसी

    BSNL के लिए वित्तीय मोर्चे पर भी अच्छी खबरें हैं। 18 साल के लंबे इंतजार के बाद कंपनी ने 262 करोड़ रुपये का तिमाही लाभ दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2023-24 में ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) जो 2,395 करोड़ रुपये था, वह 2024-25 में बढ़कर 5,100 करोड़ रुपये हो गया है। सिंधिया को उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष (2025-26) में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट डबल डिजिट (दो अंकों) की विकास दर के साथ बढ़ेगा। कंपनी ने 4G नेटवर्क खड़ा करने के लिए एक ही साल में 20,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम पूंजी निवेश किया है।

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    लगातार बढ़ रहे हैं ग्राहक

    निजी कंपनियों के महंगे होते प्लान्स के बीच लोग फिर से BSNL की ओर रुख कर रहे हैं। जून 2024 में जहाँ BSNL के पास 8.55 करोड़ ग्राहक थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 9.27 करोड़ तक पहुंच गई है।

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    BSNL लॉन्च करेगा 'ट्रूकॉलर' जैसी सर्विस

    BSNL अगले 3-4 महीनों में अपनी बहुप्रतीक्षित CNAP (कॉलर नेम प्रजंटेशन) सर्विस को कमर्शियल तौर पर लॉन्च करने जा रहा है। 31 मार्च 2026 तक यह सुविधा पूरे भारत में उपलब्ध हो जाएगी। यह तकनीक C-DoT द्वारा विकसित की गई है। इसमें फोन आने पर कॉलर का वही नाम दिखाई देगा जो उसके KYC रिकॉर्ड (SIM लेते समय दिए गए दस्तावेज) में दर्ज है। इससे फ्रॉड कॉल और स्पैम कॉल पर लगाम लगेगी। यह सर्विस मोबाइल पर डिफॉल्ट रूप से एक्टिव रहेगी, लेकिन यूजर चाहें तो इसे बंद भी कर सकते हैं।

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