माइक्रोसॉफ्ट को एंड्रॉयड नहीं बना पाना मेरी सबसे बड़ी गलती: बिल गेट्स

दुनिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स और माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स को इस बात का मलाल है कि यह माइक्रोसॉफ्ट को वह नहीं बना पाए जो आज गूगल का एंड्रॉयड है। बिल गेट्स ने अपने एक बयान में कहा, 'मेरी सबसे बड़ी गलती थी मेरा वह कुप्रबंधन जिसके कारण माइक्रोसॉफ्ट वह नहीं बन पाया जो आज एंड्रॉयड है।'
उन्होंने आगे कहा कि एंड्रॉयड एक ऐसी चीज थी जिसे बनाना माइक्रोसॉफ्ट के लिए आसान था। बिल गेट्स को इस बात को मलाल है कि उन्होंने एंड्रॉयड बनाने के लिए गूगल को मौका दिया। बिल गेट्स ने ये बातें एक वेंचर कैपिटल फर्म विलेज ग्लोबल को हाल ही में दिए इंटरव्यू ये बातें कही हैं।
दरअसल मोबाइल के लिए फिलहाल दो ही ऑपरेटिंग सिस्टम हैं जिनमें एंड्रॉयटड और आईओएस शामिल हैं। पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले ही हैं। इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट ने भी नोकिया के फोन को विंडोज सिस्टम के साथ पेश किया था जो कि 2017 तक ही चल पाया।
गौरतलब है कि गूगल ने साल एंड्रॉयड को 5 करोड़ डॉलर में खरीदा था और आज एंड्रॉयड आज दुनिया का सबसे लोकप्रिय मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है। अभी हाल ही में एंड्रॉयड का 10वां वर्जन एंड्रॉयड क्यू जारी हुआ है जो कि इस साल के अंत तक कई फ्लैगशिप फोन में देखने को मिल सकता है।