सावधान: KBC के नाम पर हो रही है ठगी, पाकिस्तान से चल रहा पूरा खेल

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Wed, 04 Nov 2020 02:42 PM IST
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KBC Lottery News: Be careful about kbc fraud lottery you will be cheated
केबीसी: KBC 2020 FRAUD - फोटो : AMAR UJALA

    कौन बनेगा करोड़पति (KBC) का बारहवां सीजन चल रहा है लेकिन इसकी आड़ में ऑनलाइन ठगी का खेल भी जोरों से चल रहा है। दिल्ली एनसीआर समेत देश के सभी हिस्सों में विदेशी नंबरों से कॉल व व्हाट्सएप पर 25 लाख रुपये लॉटरी निकलने के मैसेज लोगों को लगातार मिल रहे हैं। केबीसी 12 सीजन के दौरान दिल्ली एनसीआर में ऐसी कई शिकायतें पुलिस के पास पहुंची जिनमें लोग ठगी का शिकार हुए हैं। इसमें लोगों को सिम कार्ड, लक्की ड्रा, लॉटरी नंबर, फाइल नंबर, विजेता का नाम, बैंक अकाउंट नंबर, विजेता का मोबाइल नंबर भेजा जाता है तो जागरूक लोग ऐसे मैसेज को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई लोग इस जाल में फंस भी जाते हैं।

    दरअसल, केबीसी में जाने के लिए शो की शुरुआत में एक सवाल का जवाब देना होता था। इसका जवाब एसएमएस, केबीसी मोबाइल ऐप, आईवीआरएस या एक चैनल के माध्यम से दिया जा सकता था। सही जवाब देने वालों में से कुछ को लकी ड्रॉ द्वारा चुना जाता है, लेकिन यदि किसी ने गेम में हिस्सा ही नहीं लिया है और उसके बाद उसके बाद कॉल आती है तो यह पूरी तरह से फर्जीवाड़े का मामला है।

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    रोहिणी में एक महिला के मोबाइल में मैसेज आया। बताया गया कि वह केबीसी-12 के अखिल भारतीय सिम कार्ड लक्की ड्रा की विजेता है और उनकी विजेता की फाइल बन चुकी है। फाइल में बस फोटो लगाना बाकि है, जिसे तुरंत दिए गए नंबर पर जाए। महिला ने अपनी फोटो दिए गए नंबर पर भेज दी। उसके बाद उनको फोन आया कि फाइल लगाने के बाद अकाउंट में पैसे भेजने हैं, उसका नंबर भेजें, महिला ने अकाउंट नंबर भी भेज दिया। हिदायत दी गई कि किसी को भी न बताएं और जीती हुई रकम का जीएसटी और ट्रांसफर राशि के रूप में 15,000 रुपये भेजें, हालांकि ठगों द्वारा लगातार संपर्क करने पर महिला को शक हुआ, परिजनों को बताया। उसके बाद फोन उठाना ही बंद कर दिया, जिसकी वजह से ठगी से बच गई।

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    दिल्ली पुलिस की साइबर सेल के मुताबिक अगर आप भी ऐसी फर्जी केबीसी लॉटरी व्हाट्सएप मैसेज के चक्कर में पड़ें तो जैकपॉट किसी और का लगेगा और कीमत आप चुकाएंगे। एटीएम का पिन किसी भी कीमत पर न दें, क्योंकि कोई भी बैंक किसी से भी यह जानकारी नहीं मांगता। इसी साल मार्च में साइबर सेल ने तीन ठगों को गिरफ्तार किया था। गिरोह का सरगना राऊफ पाकिस्तान से ठगी को ऑपरेट कर रहा था। ठगी के पैसे का 70 फीसदी हिस्सा हवाला के जरिए पाकिस्तान भेजा जाता था।

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