Train: ऑस्ट्रेलिया में मोबाइल नेटवर्क ठप होते ही रुक गईं ट्रेनें, क्या भारत में भी ऐसा हो सकता है?
Australia Train Outage:
ऑस्ट्रेलिया में टेलीकॉम कंपनी टेलस्ट्रा का 4G नेटवर्क ठप होने से कई ट्रेन सेवाएं रुक गईं। वजह थी ट्रेनों और कंट्रोल सेंटर के बीच संचार का टूट जाना। लेकिन क्या भारत में भी Jio, Airtel या Vi का नेटवर्क थम जाने से कुछ ऐसा ही हो सकता है? जानिए भारत का रेलवे सिस्टम ऑस्ट्रेलिया के रेलवे से संचार तकनीक के मामले में कितना अलग है।

विस्तार
अगर कोई आपसे कहे कि मोबाइल नेटवर्क बंद होने की वजह से ट्रेनें चलना बंद हो गईं, तो शायद आपको इस पर यकीन न हो। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में ऐसा असल में हुआ है। वहां एक बड़ी टेलीकॉम कंपनी का नेटवर्क ठप पड़ने के बाद कई ट्रेन सेवाओं को रोकना पड़ा। यह घटना अब दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
ऐसे में सवाल उठता है कि अगर भारत में किसी दिन जियो, एयरटेल या वोडाफोन (Vi) का नेटवर्क बंद हो जाए, तो क्या भारतीय रेलवे की ट्रेनें भी रुक जाएंगी?ऑस्ट्रेलिया में आखिर हुआ क्या था?
हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी टेलस्ट्रा (Telstra) को कम्यूनिकेशन नेटवर्क में बड़ी तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा। इसका असर सिर्फ मोबाइल कॉल या इंटरनेट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि न्यू साउथ वेल्स के कई इलाकों में इसके वजह से ट्रेन सेवाएं भी रोकनी पड़ीं।रिपोर्ट्स के अनुसार, इन क्षेत्रों में ट्रेनें कंट्रोल सेंटर से संपर्क बनाए रखने के लिए टेलस्ट्रा के 4G नेटवर्क पर निर्भर थीं। जैसे ही नेटवर्क बंद हुआ, ट्रेनों और कंट्रोल सेंटर के बीच जरूरी संचार टूट गया।ट्रेनों और कंट्रोल सेंटर के बीच संवाद न होने के वजह से इसे सुरक्षा जोखिम मानते हुए ट्रेन परिचालन रोक दिया गया।
आधुनिक सिस्टम होने के बावजूद आई परेशानी
यह कोई पुरानी या बैकअप व्यवस्था नहीं थी। ऑस्ट्रेलियन रेल ट्रैक कॉरपोरेशन ने 2024 में 3G नेटवर्क बंद होने से पहले अपने ट्रेन कम्यूनिकेशन सिस्टम को 4G नेटवर्क पर अपग्रेड किया था।टेलस्ट्रा के नेटवर्क में आई खराबी का असर रेलवे के करीब 9,600 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क पर पड़ा। इसमें दक्षिनी हाइलैंड लाइन और हंटर लाइन की कई यात्री सेवाएं प्रभावित हुईं। कुछ ट्रेनें अगले दिन ही दोबारा शुरू हो सकीं, जबकि कुछ रूटों पर अस्थायी रूप से बसों का संचालन किया गया। हालांकि, सिडनी शहर की लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं क्योंकि वे ARTC के 4G नेटवर्क पर निर्भर नहीं थीं।
क्यों ठप हुआ नेटवर्क?
टेलस्ट्रा के एक अधिकारी ने बताया कि समस्या कंपनी के कुछ डेटा सेंटरों में मौजूद उन नेटवर्क नोड्स में आई खराबी के कारण हुई, जो पूरे नेटवर्क में टाइम सिंक्रोनाइजेशन बनाए रखते हैं।सरल शब्दों में कहें तो टेलीकॉम नेटवर्क के अलग-अलग हिस्सों का एक-दूसरे के साथ बिल्कुल सही समय पर तालमेल बनाए रखना जरूरी होता है। जब यह तालमेल बिगड़ गया, तो इसका असर पूरे नेटवर्क पर फैल गया।रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि असली समस्या केवल तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि नेटवर्क का अत्यधिक केंद्रीकृत होना था।इस घटना के बाद भविष्य में ऐसे सिस्टम विकसित किए जाने पर जोर दिया जाने लगा, जिनमें किसी एक क्षेत्र की खराबी पूरे नेटवर्क को प्रभावित न कर सके।
क्या भारत में भी मोबाइल नेटवर्क ठप होने से रुक सकती हैं ट्रेनें?
भारत में किसी बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर का नेटवर्क ठप होने से भारतीय रेलवे की ट्रेनों की सेवाएं प्रभावित होने की संभावना बेहद कम है। दरअसल, भारतीय रेलवे अपनी ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए Jio, Airtel या Vi जैसे सार्वजनिक 4G नेटवर्क पर निर्भर नहीं है।
रेलवे के पास अपना डेटिकेटेड ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, रेलवे सिग्नलिंग सिस्टम और विशेष रेडियो कम्युनिकेशन नेटवर्क मौजूद है। यही सिस्टम ट्रेनों के संचालन और कंट्रोल सेंटर के बीच संचार सुनिश्चित करता है।
यदि किसी निजी टेलीकॉम कंपनी का नेटवर्क बंद भी हो जाए, तब भी भारतीय रेलवे की मुख्य परिचालन प्रणाली पर उसका सीधा असर नहीं पड़ेगा।फिर भी भारत के लिए क्यों अहम है यह घटना?हालांकि भारत में ऐसी स्थिति बनने की संभावना नहीं है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की यह घटना एक महत्वपूर्ण सीख जरूर देती है। यह दिखाती है कि यदि किसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक सेवा को पूरी तरह एक ही बाहरी नेटवर्क पर निर्भर बना दिया जाए और उसके लिए मजबूत बैकअप सिस्टम न हो, तो एक तकनीकी खराबी भी बड़े स्तर पर सेवाओं को प्रभावित कर सकती है।
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