Lawsuit Against Apple: एपल के खिलाफ एंटीट्रस्ट मुकदमा जारी रहेगा, जज ने खारिज करने से किया इनकार

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Tue, 01 Jul 2025 10:40 AM IST
सार

न्यू जर्सी के यूएस डिस्ट्रिक्ट जज जेवियर नील्स ने 33 पन्नों में फैसला सुनाते हुए कहा कि इस मामले में पर्याप्त सबूत हैं, जिससे यह मुकदमा अब आगे बढ़ेगा। अदालत ने एक टाइमटेबल भी तय कर दिया है, जिसके मुताबिक यह केस 2027 में ट्रायल तक पहुंच सकता है।

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Antitrust lawsuit against Apple will continue, judge refuses to dismiss
Apple iPhone - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    अमेरिका की एक फेडरल कोर्ट ने एपल की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने एंटीट्रस्ट (प्रतिस्पर्धा-विरोधी) मुकदमे को रद्द करने की मांग की थी। इस मुकदमे में अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने आरोप लगाया है कि एपल ने iPhone को प्रतिस्पर्धा से बचाने और मुनाफा बढ़ाने के लिए गैरकानूनी बाधाएं खड़ी की हैं।

    न्यू जर्सी के यूएस डिस्ट्रिक्ट जज जेवियर नील्स ने 33 पन्नों में फैसला सुनाते हुए कहा कि इस मामले में पर्याप्त सबूत हैं, जिससे यह मुकदमा अब आगे बढ़ेगा। अदालत ने एक टाइमटेबल भी तय कर दिया है, जिसके मुताबिक यह केस 2027 में ट्रायल तक पहुंच सकता है।

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    एपल का बचाव खारिज

    एपल ने अपनी दलील में कहा था कि न्याय विभाग ने स्मार्टफोन बाजार की गलत परिभाषा दी है और कानूनी तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है, लेकिन जज नील्स ने कहा कि सरकार के पास पर्याप्त सबूत हैं और मुख्य आरोपों पर ट्रायल होना चाहिए।

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    क्या है आरोप?

    मुकदमे में कहा गया है कि एपल ने एक ऐसा "Walled Garden" (दीवारों से घिरा बगीचा) बना लिया है, जहां iPhone, iPad और अन्य डिवाइसेज का हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर एक-दूसरे के साथ ही अच्छे से काम करते हैं, हालांकि यह मॉडल अब प्रतिस्पर्धा को रोकने वाली दीवार बन गया है। इससे न केवल कीमतें बढ़ी हैं बल्कि इनोवेशन पर भी असर पड़ा है।

    जज नील्स ने लिखा, "मुकदमा तकनीकी रुकावटों के कई उदाहरण पेश करता है, जो प्रतिस्पर्धा-विरोधी व्यवहार के अंतर्गत आते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि न्याय विभाग ने यह दिखाने के लिए पर्याप्त बातें रखी हैं कि एपल ने iPhone को अवैध रूप से एकाधिकार में बदल दिया है। सोमवार को एपल ने एक बयान जारी कर कहा, "यह मुकदमा तथ्यों और कानून दोनों के आधार पर गलत है। हम अदालत में इसका मजबूती से मुकाबला करते रहेंगे।"

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