AI Coder: एक साल में जूनियर कोडर का दुश्मन बन जाएगा एआई, गूगल के चीफ साइंटिस्ट का बड़ा दावा
डीन ने यह भी कहा कि IDE (इंटिग्रेटेड डेवलपमेंट इनवायरमेंट) में कोड लिखना ही किसी जूनियर इंजीनियर का पूरा काम नहीं होता। उन्हें टेस्टिंग, बग फिक्सिंग, परफॉर्मेंस डिबगिंग जैसे कई अन्य स्किल्स भी आने चाहिए।

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गूगल के चीफ साइंटिस्ट जेफ डीन (Jeff Dean) ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अगले एक साल के भीतर जूनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर की क्षमता तक पहुंच सकता है। उन्होंने ये बात Sequoia Capital के AI Ascent इवेंट के दौरान कही। डीन का मानना है कि AI तेजी से जिस तरह उन्नति कर रहा है, उसे देखते हुए ये भविष्य अब बहुत दूर नहीं है।
टेक सेक्टर में पहले ही नौकरियों की कमी और जबरदस्त प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। ऐसे में अगर AI वाकई जूनियर लेवल का कोडिंग काम करने लगे, तो यह फ्रेशर्स के लिए और भी मुश्किल हालात पैदा कर सकता है। डीन की यह टिप्पणी तब आई है जब ChatGPT, GitHub Copilot और Google Gemini जैसे टूल्स पहले ही कोडिंग में उपयोग हो रहे हैं। ये टूल्स रीपीटेटिव कोड लिखने, सुझाव देने और पूरा कोड ब्लॉक जनरेट करने जैसे काम कर सकते हैं।
डीन ने यह भी कहा कि IDE (इंटिग्रेटेड डेवलपमेंट इनवायरमेंट) में कोड लिखना ही किसी जूनियर इंजीनियर का पूरा काम नहीं होता। उन्हें टेस्टिंग, बग फिक्सिंग, परफॉर्मेंस डिबगिंग जैसे कई अन्य स्किल्स भी आने चाहिए।
उन्होंने कहा, “एक वर्चुअल जूनियर इंजीनियर को सिर्फ कोड लिखना नहीं, बल्कि टेस्ट चलाना, परफॉर्मेंस के मुद्दों को समझना और समाधान आजमाना भी आना चाहिए। मुझे लगता है कि AI इस दिशा में भी प्रगति कर सकता है।”
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