AI Tool: इंसानों की भाषा खराब कर रहे एआई टूल, बदल रहा बोलने और लिखने का अंदाज

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Wed, 16 Jul 2025 03:59 PM IST
सार

शोधकर्ताओं का मानना है कि इंसान अब सिर्फ AI को नहीं सिखा रहे, बल्कि AI की भाषा को खुद भी सीख रहे हैं और अपनाने लगे हैं। इस प्रक्रिया को वे “closed cultural feedback loop” कह रहे हैं यानी मशीनें इंसानों से सीखती हैं और फिर इंसानों की भाषा को प्रभावित करती हैं।

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AI tools are ruining human language changing the way of speaking and writing
humans talking like ChatGPT - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    पहले जब SMS का दौर आया था, तो लोगों की बोलचाल और लिखने का अंदाज बदल गया था। छोटे-छोटे मैसेज भेजने की आदत ने हमारी भाषा को संक्षिप्त बना दिया। अब कुछ वैसा ही बदलाव फिर से हो रहा है लेकिन इस बार वजह है AI चैटबॉट्स, जैसे कि ChatGPT।

    Max प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन डेवलपमेंट (जर्मनी) के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया है कि अब इंसान AI की भाषा शैली को अपनाने लगे हैं। इस रिसर्च में YouTube के 3.6 लाख वीडियो और 7.7 लाख पॉडकास्ट एपिसोड्स का विश्लेषण किया गया ChatGPT के आने से पहले और बाद के। शोध में यह साफ देखा गया कि इंसानों की बोली और लेखन में AI द्वारा आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों का प्रयोग अचानक बढ़ गया है।

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    अध्ययन में कई ऐसे शब्दों की पहचान हुई जो आम तौर पर AI द्वारा बनाए गए उत्तरों में बार-बार आते हैं जैसे- meticulous (सूक्ष्म/सावधानीपूर्वक), boast (शेखी बघारना) , realm (क्षेत्र), delve (गहराई से पड़ताल करना) आदि। इन शब्दों को शोधकर्ता “GPT शब्द” कह रहे हैं, जिनका इंसान अब अपनी रोजमर्रा की बोलचाल में इस्तेमाल करने लगे हैं।

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